अमेरिका में अब तक का सबसे भीषण बर्फीला तूफान: जनजीवन ठप, 28 मौतें, अरबों डॉलर का नुकसान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बर्फीले तूफान के ईस्ट कोस्ट से गुजरने के बाद अब आर्कटिक से आने वाली अत्यधिक ठंडी हवाएं कहर बरपाने को तैयार हैं। इससे तापमान और गिरने की आशंका है और पहले से जमे बर्फीले हालात और गंभीर हो सकते हैं।
वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क। अमेरिका इन दिनों अपने इतिहास के सबसे भयावह बर्फीले तूफान की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि न सड़कों पर चलने की जगह बची है, न आसमान में विमानों के उड़ने की गुंजाइश। ठंड और बर्फ के इस कहर ने देश के बड़े हिस्से में जिंदगी को ठहराव में डाल दिया है। बाहर जानलेवा ठंड, भीतर बिजली संकट दोनों के बीच फंसे लाखों लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। मंगलवार तक कम से कम 28 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिन हालात और चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं।
ईस्ट कोस्ट के बाद आर्कटिक ठंड का हमला
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बर्फीले तूफान के ईस्ट कोस्ट से गुजरने के बाद अब आर्कटिक से आने वाली अत्यधिक ठंडी हवाएं कहर बरपाने को तैयार हैं। इससे तापमान और गिरने की आशंका है और पहले से जमे बर्फीले हालात और गंभीर हो सकते हैं। कई शहरों में शून्य दृश्यता दर्ज की गई है, जिससे सड़क और हवाई यातायात लगभग ठप हो गया है।
22 हजार से ज्यादा उड़ानें प्रभावित
एविएशन एनालिटिक्स फर्म ‘फ्लाइट अवेयर’ के मुताबिक, मंगलवार को ही 5,220 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 6,500 से अधिक उड़ानें देरी से रवाना हुईं। रविवार से अब तक कुल 22,000 से ज्यादा उड़ानें इस तूफान की वजह से प्रभावित हो चुकी हैं। सबसे बुरा हाल बोस्टन का है, जहां कुल नौ में से पांच एयरपोर्ट लगभग ठप हो गए हैं। न्यूयॉर्क और आसपास के इलाकों में भी विमान सेवाएं गंभीर रूप से बाधित हैं।
न्यू मेक्सिको से न्यू इंग्लैंड तक जमी एक फीट मोटी बर्फ
तूफान का असर न्यू मेक्सिको से लेकर न्यू इंग्लैंड तक फैला हुआ है। कई इलाकों में एक-एक फीट मोटी बर्फ की परत जम चुकी है, जिससे सड़कों पर चलना लगभग असंभव हो गया है। बोस्टन और न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों में हालात इतने खराब हैं कि दिन में भी कुछ मीटर से आगे देख पाना मुश्किल हो गया है। मौसम एजेंसी एक्यूवेदर का अनुमान है कि यह बर्फीला तूफान 2025 की शुरुआत में लास एंजिलिस में जंगलों की आग से हुए नुकसान का रिकॉर्ड भी तोड़ चुका है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, तूफान से 105 से 115 अरब डॉलर तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
18 राज्य बुरी तरह प्रभावित, 28 मौतें
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, 18 राज्य इस भीषण ठंड और बर्फीले तूफान से बुरी तरह प्रभावित हैं। मैसाचुसेट्स और ओहायो में बर्फ हटाने वाली मशीनों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हुई। अरकांसस और टेक्सास में सड़क हादसों में कई जानें गईं। न्यूयॉर्क सिटी में ठंड से बचाव के इंतजाम न होने के कारण आठ बेघर लोगों की मौत हो गई।
बिजली संकट गहराया: सात लाख घर अंधेरे में
बर्फ और तेज हवाओं ने बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। पावरआउटेजडॉटकॉम के अनुसार, मध्य अटलांटिक से लेकर दक्षिणी राज्यों मिसिसिपी, टेनेसी और लुइयाना तक करीब सात लाख घरों में बिजली गुल है। गिरे हुए पेड़ और फटे ट्रांसफॉर्मर हालात को और बिगाड़ रहे हैं। कई इलाकों में पीने के पानी और नेचुरल गैस की आपूर्ति भी बाधित हुई है।
मिसिसिपी में 30 साल का सबसे खराब तूफान
मिसिसिपी पिछले 30 वर्षों के सबसे बुरे बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। राज्य के गवर्नर टेट रीव्स ने हालात से निपटने के लिए 500 नेशनल गार्ड जवानों की तैनाती का ऐलान किया है। लोगों को ठंड से बचाने के लिए 30 काउंटियों में 61 वार्मिंग सेंटर खोले गए हैं। इसके अलावा फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) से 60 जेनरेटर की मांग की गई है, ताकि शेल्टर, नर्सिंग होम, अस्पताल और जल आपूर्ति प्रणालियों को बिजली मिल सके।राज्य प्रशासन की ओर से चारपाइयां, कंबल, पैकेज्ड खाना और बोतलबंद पानी भी वितरित किया जा रहा है।
जेनरेटर पर चल रहे अस्पताल और गैस स्टेशन
बिजली संकट के चलते कई इलाकों में अस्पताल, गैस स्टेशन और ग्रोसरी स्टोर जेनरेटर के सहारे चलाए जा रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि आपात सेवाएं किसी भी हाल में बंद न हों। हालांकि, ईंधन और जेनरेटर की सीमित उपलब्धता एक नई चुनौती बनती जा रही है।
कारों और होटलों में रातें गुजार रहे लोग
तूफान से जूझ रहे लोगों का कहना है कि माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तापमान में हालात किसी युद्ध क्षेत्र जैसे लग रहे हैं। बर्फ के वजन से गिरते पेड़ों की आवाजें, ट्रांसफॉर्मर फटने के धमाके और लगातार अंधेरा लोग रातों को सो नहीं पा रहे हैं। बिजली न होने की वजह से घरों के भीतर भी ठंड जानलेवा हो गई है। कई परिवार मजबूरी में अपनी कारों में रातें बिता रहे हैं, जबकि कुछ लोग घर छोड़कर होटलों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं।
राहत की उम्मीद, लेकिन चुनौती बरकरार
अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने दावा किया है कि बुधवार तक हालात सामान्य होने लगेंगे, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी इस राहत पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल अमेरिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती है आपात सेवाओं को सुचारु रखना, बिजली बहाल करना और लोगों को ठंड से बचाना। यह बर्फीला तूफान न सिर्फ प्राकृतिक आपदा के रूप में, बल्कि तैयारियों और आपदा प्रबंधन की परीक्षा के तौर पर भी अमेरिका को कठोर सबक दे रहा है।