वॉशिंगटन। एलियंस और एरिया 51 को लेकर अमेरिका में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के हालिया पॉडकास्ट बयान के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहू लारा ट्रंप ने दावा किया है कि ट्रंप ने एलियंस के अस्तित्व और संभावित खुलासे को लेकर पहले से एक भाषण तैयार कर रखा है, जिसे “सही समय आने पर” सार्वजनिक किया जाएगा। यह पूरा विवाद 14 फरवरी 2026 को रिलीज हुए एक पॉडकास्ट से शुरू हुआ, जिसमें ओबामा से एलियंस के अस्तित्व पर सीधा सवाल पूछा गया था।
क्या बोले बराक ओबामा?
पॉडकास्ट के दौरान ओबामा से पूछा गया- “क्या एलियंस वास्तव में हैं?” इस पर उन्होंने जवाब दिया, “वे रियल हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है और वे एरिया 51 या कहीं छिपे नहीं हैं। वहां कोई अंडरग्राउंड बेस नहीं है, जब तक कि कोई बहुत बड़ी साजिश न हो और इसे अमेरिका के राष्ट्रपति से भी छिपाया गया हो।” ओबामा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे एलियंस के अस्तित्व की पुष्टि के रूप में पेश किया। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति ने ‘आधिकारिक रूप से’ एलियन जीवन को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, बयान के वायरल होने के बाद ओबामा ने इंस्टाग्राम पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने लिखा, “मैं स्पीड राउंड की भावना में जवाब दे रहा था। मुझे स्पष्ट करने दीजिए कि ब्रह्मांड इतना विशाल है कि वहां जीवन होने की संभावना काफी अधिक है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति रहते हुए उन्हें किसी गुप्त एलियन बेस या क्रैश्ड यूएफओ के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
लारा ट्रंप का दावा—“सही समय पर होगा खुलासा”
ओबामा के बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप की बहू लारा ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उनके ससुर डोनाल्ड ट्रंप ने एलियंस और उनके संभावित अस्तित्व को लेकर पहले से एक भाषण तैयार कर रखा है। लारा ट्रंप के अनुसार, “राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हैं। उनके पास इस विषय पर पहले से एक विस्तृत भाषण तैयार है, जिसे सही समय आने पर सार्वजनिक किया जाएगा।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह भाषण किस संदर्भ में है, क्या इसमें एलियंस के अस्तित्व की पुष्टि होगी या सिर्फ सरकारी दस्तावेजों के खुलासे की बात होगी। लारा ट्रंप के इस बयान ने बहस को और हवा दे दी है। समर्थकों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान कई यूएफओ दस्तावेजों को सार्वजनिक किया गया था और संभव है कि आगे भी कुछ जानकारी सामने आए।
एरिया 51: रहस्य और साजिशों का केंद्र
एलियंस की चर्चा में एरिया 51 का नाम बार-बार सामने आता है। एरिया 51 अमेरिका के नेवादा राज्य में स्थित एक अत्यंत गोपनीय सैन्य ठिकाना है। आधिकारिक तौर पर इसे अमेरिकी वायुसेना का टेस्टिंग और ट्रेनिंग सेंटर बताया जाता है। दशकों से यह जगह साजिश सिद्धांतों का केंद्र रही है। कई लोगों का दावा है कि यहां एलियन तकनीक पर शोध होता है या कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त यूएफओ के मलबे को छिपाकर रखा गया है। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने हमेशा इन दावों से इनकार किया है और एरिया 51 को उन्नत सैन्य तकनीक के परीक्षण की जगह बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, एरिया 51 की गोपनीयता का कारण वहां विकसित की जाने वाली अत्याधुनिक रक्षा तकनीक है, न कि एलियंस से जुड़ी कोई गतिविधि। इसके बावजूद, फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और सोशल मीडिया अभियानों ने इस जगह को रहस्य और रोमांच का प्रतीक बना दिया है।
एलियन जीवन: विज्ञान क्या कहता है?
वैज्ञानिक समुदाय लंबे समय से इस संभावना पर चर्चा करता रहा है कि ब्रह्मांड में कहीं न कहीं जीवन मौजूद हो सकता है। नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां मंगल ग्रह, यूरोपा और एक्सोप्लैनेट्स पर जीवन के संकेतों की तलाश कर रही हैं। खगोल वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्रह्मांड में अरबों आकाशगंगाएं हैं और प्रत्येक में अरबों तारे व ग्रह मौजूद हैं। ऐसे में जीवन की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक पृथ्वी के बाहर बुद्धिमान जीवन का कोई ठोस और प्रमाणित सबूत नहीं मिला है।
राजनीतिक बहस और जनमानस पर असर
ओबामा के बयान और लारा ट्रंप के दावे ने इस विषय को राजनीतिक रंग भी दे दिया है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि एलियंस और यूएफओ जैसे मुद्दे अक्सर जनता की जिज्ञासा को आकर्षित करते हैं और राजनीतिक विमर्श में भी चर्चा का विषय बन जाते हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे गंभीर वैज्ञानिक चर्चा मानते हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक बयानबाजी और साजिश सिद्धांतों से जोड़कर देख रहे हैं।
अब तक सामने नहीं आया ठोस प्रमाण
एलियंस के अस्तित्व को लेकर कोई आधिकारिक और ठोस प्रमाण अब तक सामने नहीं आया है। बराक ओबामा ने जहां ब्रह्मांड की विशालता के आधार पर जीवन की संभावना स्वीकार की, वहीं उन्होंने किसी गुप्त साजिश या एरिया 51 में एलियन बेस होने की बात से इनकार किया। दूसरी ओर, लारा ट्रंप का यह दावा कि डोनाल्ड ट्रंप ने इस विषय पर पहले से भाषण तैयार कर रखा है, बहस को और रोचक बना देता है। अब देखना होगा कि क्या भविष्य में इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक खुलासा होता है या यह चर्चा साजिश सिद्धांतों और अटकलों तक ही सीमित रहती है। फिलहाल, एलियंस को लेकर उत्सुकता बरकरार है, लेकिन वैज्ञानिक प्रमाण अभी भी इंतजार में हैं।