बांग्लादेश ने JF-17 थंडर लड़ाकू विमान की खरीद में दिखाई रुचि, ढाका–इस्लामाबाद के बीच बढ़ते सहयोग के संकेत

रक्षा विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को दक्षिण एशिया में बदलते रणनीतिक समीकरणों और ढाका–इस्लामाबाद के बीच सुधरते रिश्तों से जोड़कर देख रहे हैं।

Update: 2026-01-08 23:12 GMT
इस्लामाबाद/ढाका। बांग्लादेश ने पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने में “संभावित रुचि” व्यक्त की है। यह जानकारी पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बुधवार को दी। हालांकि, बांग्लादेश की ओर से अभी तक इस तरह की किसी खरीद योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रक्षा विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को दक्षिण एशिया में बदलते रणनीतिक समीकरणों और ढाका–इस्लामाबाद के बीच सुधरते रिश्तों से जोड़कर देख रहे हैं।

क्या है JF-17 थंडर लड़ाकू विमान?
JF-17 थंडर एक सिंगल-इंजन, हल्का बहुद्देशीय लड़ाकू विमान है, जिसे चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह विमान वायु युद्ध, जमीनी हमले और टोही जैसे कई अभियानों में इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। पाकिस्तान इसे अपनी वायु सेना की रीढ़ मानता है और पहले ही इसे कई देशों को निर्यात करने की कोशिश कर चुका है। पाकिस्तान का दावा है कि मई 2025 में भारत के साथ हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान JF-17 ने अपनी क्षमता साबित की थी, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी प्रभावशीलता को लेकर स्पष्ट और स्वतंत्र आकलन उपलब्ध नहीं हैं।

एयर चीफ्स की बैठक में उठा मुद्दा
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब इस्लामाबाद में मंगलवार को बांग्लादेश वायु सेना के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान और पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई। ISPR की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बैठक में दोनों वायु सेनाओं के बीच परिचालन सहयोग और संस्थागत तालमेल को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसमें प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एयरोस्पेस क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के लिए सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। बयान में यह भी कहा गया, “बैठक के दौरान JF-17 थंडर लड़ाकू विमान की संभावित खरीद पर भी विस्तृत चर्चा हुई।”

बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने किया PAF सुविधाओं का दौरा
बैठक के बाद बांग्लादेशी वायु सेना के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान वायु सेना की कई प्रमुख सुविधाओं का दौरा भी किया। इस दौरान उन्हें प्रशिक्षण ढांचे, रखरखाव प्रणालियों और विमान संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। PAF प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने बांग्लादेश वायु सेना को पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए कहा कि पाकिस्तान न केवल रक्षा उपकरणों की आपूर्ति के लिए तैयार है, बल्कि प्रशिक्षण और दीर्घकालिक तकनीकी सहायता प्रणाली भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने विशेष रूप से सुपर मुश्शक प्रशिक्षण विमान की त्वरित डिलीवरी का भरोसा दिलाया, जो पायलट प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं।

राजनीतिक बदलाव के बाद सुधरे संबंध
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल अगस्त 2024 में बांग्लादेश के राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव के बाद ढाका और इस्लामाबाद के बीच सुधरते रिश्तों का परिणाम है। लंबे समय तक दोनों देशों के संबंध ऐतिहासिक कारणों से तनावपूर्ण रहे, लेकिन हाल के महीनों में कूटनीतिक, सैन्य और आर्थिक स्तर पर संवाद बढ़ा है। रक्षा सहयोग में संभावित विस्तार को दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

JF-17 खरीद: संकेत या ठोस योजना?
हालांकि ISPR ने “संभावित खरीद” का जिक्र किया है, लेकिन बांग्लादेश की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह अभी प्रारंभिक स्तर की बातचीत हो सकती है, जिसमें विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा हो। बांग्लादेश फिलहाल अपनी वायु सेना के आधुनिकीकरण पर ध्यान दे रहा है और विभिन्न देशों से सैन्य उपकरणों के विकल्प तलाश रहा है। ऐसे में JF-17 एक किफायती विकल्प हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला तकनीकी, वित्तीय और रणनीतिक पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

ढाका–कराची के बीच सीधी उड़ानें फिर शुरू
इसी बीच, बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों में एक और सकारात्मक संकेत सामने आया है। बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस 29 जनवरी से ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने जा रही है। इससे एक दशक से अधिक समय बाद दोनों देशों के बीच निर्बाध हवाई संपर्क बहाल होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआत में ये उड़ानें सप्ताह में दो बार गुरुवार और शनिवार को संचालित होंगी। ढाका से उड़ान रात 8 बजे प्रस्थान कर कराची में रात 11 बजे पहुंचेगी। वापसी की उड़ान कराची से रात 12 बजे रवाना होकर ढाका में सुबह 4:20 बजे पहुंचेगी।

नई दिशा देने की कोशिश

JF-17 थंडर की संभावित खरीद और सीधी उड़ानों की बहाली यह संकेत देती है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि रक्षा सौदों को लेकर अंतिम तस्वीर अभी साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि दक्षिण एशिया की रणनीतिक राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकता है।

Tags:    

Similar News