पाकिस्तान में घुस गए तालिबानी लड़ाके, डूरंड लाइन पार कर चौकियों पर किया कब्जा
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव के बीच तालिबान ने पाक को करारा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक तालिबान के लड़ाकों ने डूरंड लाइन पर दो पाकिस्तानी पोस्टों पर कब्जा कर लिया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे पहले तालिबान ने नूर खान एयर बेस को खोद डाला था।
इस्लामाबाद। ईरान में युद्ध के बीच अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच भी जंग जैसे हालात बने हुए हैं। सीमा के दोनों ओर रहने वाले आम लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। अफगानिस्तान का कहना है कि उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से कोई उम्मीद नहीं है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान जिस तरह से हमले कर रहा है उससे आम नागरिकों को नुकसान हो रहा है। अब तक सुरक्षा परिषद की बैठकों से कोई परिणम नहीं निकला है। वहीं तालिबान के लड़ाके डूरंड लाइन को पार करके पाकिस्तान की चौकियों पर कब्जा करने लगे हैं।
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान की सेना ने स्पिन बोल्डक और शोराबक में काल्पनिक डूरंड लाइन के पास दो पाकिस्तानी पोस्ट पर कब्जा कर लिया।
तालिबान के हमले से परेशान पाकिस्तान
तालिबान की सेना ने 24 फरवरी की शाम को पाकिस्तानी सीमा चौकियों और सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए थे। तालिबान का कहना था कि यह कार्रवाई 21 फरवरी को किए गये पाकिस्तानी हवाई हमलों का बदला लेने के लिये की गई है। बता दें कि पाकिस्तान ने उन हमलों को अफगानिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने बाद में पुष्टि की कि उन हमलों में आम नागरिक भी मारे गए थे, जिससे लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। पाकिस्तान ने तालिबान के इन हमलों को 'गलत फैसला' बताते हुए काबुल को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी।
ड्रोन से हो रहे हमले
पाकिस्तान ने 25 फरवरी की सुबह अफगानिस्तान के भीतर तालिबान के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले शुरू किए। पाकिस्तान ने काबुल से लेकर कंधार तक, जो तालिबान का मुख्य गढ़ माना जाता है, लड़ाकू विमानों और ड्रोनों से हमला किया। काबुल के निवासियों ने शहर के पश्चिमी हिस्सों और दारुलअमन जैसे इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनीं। पाकिस्तान ने अपनी इस जवाबी कार्रवाई को गजब लिल हक़ नाम दिया है।
पाकिस्तान ने भारत पर लगाया आरोप
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने इसे तालिबान के खिलाफ एक खुली जंग करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तालिबान भारत के इशारे पर काम कर रहा है और अब पाकिस्तान के सब्र का बांध टूट गया है। भारत और अफगानिस्तान दोनों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू परेशानियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह सब कर रहा है।
पाकिस्तान में अफगानिस्तान में की बमबारी
तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस बात की पुष्टि की कि पाकिस्तानी विमानों ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में बमबारी की है। इसके जवाब में तालिबान ने हेलमंद और पूर्वी सीमावर्ती इलाकों में हमले किए और कई पाकिस्तानी चौकियों को तबाह करने और कई पर कब्जा करने का दावा किया। साथ ही, तालिबान के अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे लड़ाई के बीच बातचीत के लिए भी तैयार हैं।तालिबान ने 26 फरवरी को खोस्त, नंगरहार, पक्तिका और कुनार प्रांतों में अपने हमलों को तेज कर दिया। खोस्त में एक तालिबान अधिकारी ने कहा कि जाजी मैदान, अली शेर और तेरेजाई जिलों में पाकिस्तानी चौकियों पर हमले किए गए हैं, और दावा किया कि कई चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है या उन्हें नष्ट कर दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र और रूस ने किया युद्ध रोकने की अपील
संयुक्त राष्ट्र और रूस ने दोनों देशों से तुरंत युद्ध रोकने, संयम बरतने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है, क्योंकि सीमावर्ती जिलों में रहने वाले नागरिकों पर युद्ध के संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाया है, जबकि तालिबान ने भी पाकिस्तानी सेना को नुकसान पहुंचाने के वैसे ही दावे किए। किसी निष्पक्ष जानकारी के अभाव में इन दावों की सच्चाई परखना मुश्किल है। काबुल के लोगों ने आज भी आसमान में पाकिस्तानी विमानों की आवाज सुनने और तालिबान की ओर से जवाबी फायरिंग किये जाने की जानकारी दी।