होली पर हुड़दंगियों की कसी जाएगी नकेल
नई दिल्ली ! दिल्ली की होली के गुलाल में असामाजिक तत्वों की खलल न हो, इसके लिए दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने विशेष पहल करते हुए;
नई दिल्ली ! दिल्ली की होली के गुलाल में असामाजिक तत्वों की खलल न हो, इसके लिए दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने विशेष पहल करते हुए पिछले वर्ष के अपराधों का विश्लेषण किया है और विश्लेषण के परिणामानुसार आगामी होली के लिए अपनी रणनीति तैयार की है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ें बताते हैं कि होली में आपसी रिश्ते अब गुझिया की मिठास से गुजरते हुए शराब की कड़वाहट तक पहुंच गए हैं, नतीजतन होली के आसपास न सिर्फ मारपीट की शिकायतें बढ़ जाती हैं, बल्कि सडक़ दुर्घटनाओं में इजाफा होता है।
इस वर्ष ऐसे अपराधों पर नकेल कसने के लिए दक्षिणी जिला पुलिस ने बीते वर्ष के अपराधों का अध्ययन किया है, जिसके बाद आगामी होली के लिए अध्ययन के आधार पर रणनीति बनाई है। जिला पुलिस अतिरिक्त उपायुक्त चिन्मॉय बिश्वल की देखरेख में हुए अध्ययन में जिले के कई दर्जन ऐसे स्थानों का चयन किया गया है, जहां बीते वर्ष अपराध के आंकड़े आसमान छू रहे थे। जिला पुलिस उपायुक्त ईश्वर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 24 मार्च को होली थी, इसलिए 22, 23 और 24 मार्च को पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) के जरिए मिली शिकायतों का विश्लेषण किया गया है। उन्होंने बताया कि 22 मार्च को दक्षिणी दिल्ली में मारपीट को लेकर 143 शिकायतें मिली थी, तो वहीं 13 स्थानों से महिलाओं ने छेड़छाड़ को लेकर पीसीआर कॉल की थी। 22 मार्च को ही सडक़ दुर्घटना के 68 मामले सामने आए थे, तो वहीं पड़ोसियों के साथ मामूली कहासुनी अथवा अन्य इसी तरह की 189 कॉल्स मिली थीं। इसी तरह 23 मार्च को 17 महिलाओं ने छेड़छाड़ की शिकायत करने के लिए पीसीआर को फोन किया था, तो वहीं 252 स्थानों से झगड़े की कॉल आई थी। इसके साथ ही 23 मार्च को 77 सडक़ दुर्घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस उपायुक्त सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष होली के दिन झगड़े की 523 शिकायतें, सडक़ दुर्घटना की 67 मामले, छेड़छाड़ की 19 शिकायतें पुलिस को मिली थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि होली के दिन शराब के नशे में हुड़दंग करने वालों की संख्या अधिक रहती है, क्योंकि ब्लैक में सांसियों से शराब मिल जाती है।
दक्षिणी दिल्ली के इन स्थानों पर होते हैं सबसे अधिक अपराध!
दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने अध्ययन के दौरान अपने जिले में 50 ऐसे स्थानों का चयन किया है, जहां से सबसे अधिक मारपीट, छेड़छाड़ व अन्य मामलों में पीसीआर कॉल की जाती हैं। सबसे अधिक पीसीआर कॉल वाले चयनित स्थानों में महिपालपुर, छतरपुर, शाहपुर जाट, हौज खास, खिडक़ी एक्सटेंशन, साकेत मेट्रो स्टेशन, लाडो सराय, कोटला मुबारक पुर, मोहम्मदपुर और आरके पुरम सेक्टर 12 शामिल हैं, तो वहीं कई अन्य स्थानों पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है।