देश भर में आज से वीबी-जी राम जी योजना लागू, 25% तक बढ़ गई मजदूरी, ग्रामीण मजदूरों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार
VB-G RAM G Act 2025 1 जुलाई से लागू। ग्रामीण मजदूरों को अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये तय, औसत दैनिक वेतन बढ़कर 327.4 रुपये हुआ।;
नई दिल्ली। देश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' (VB-G RAM G Act) को 1 जुलाई से लागू कर दिया है। इस नए कानून के लागू होने के साथ ही ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार की अवधि बढ़ा दी गई है और दैनिक मजदूरी में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई मजदूरी दरें देश के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अधिसूचित मजदूरी क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
अब 100 नहीं, 125 दिनों तक मिलेगा रोजगार
नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इससे पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के तहत 100 दिनों तक रोजगार का प्रावधान था। सरकार का कहना है कि अतिरिक्त 25 दिनों की रोजगार गारंटी ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और आजीविका को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद करेगी।
दैनिक मजदूरी में हुई बढ़ोतरी
सरकार ने नई योजना के तहत 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की है। अब किसी भी राज्य में मजदूरों को इससे कम भुगतान नहीं किया जाएगा। देशभर में औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है, यानी औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि हुई है। मंत्रालय के अनुसार यह बढ़ोतरी औसतन 10 प्रतिशत से अधिक है।
इन राज्यों में सबसे अधिक बढ़ा वेतन
नई अधिसूचना के तहत 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी सीधे 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे अधिक बढ़ोतरी अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत रही है।
जिन राज्यों में पहले से मजदूरी अधिक थी, वहां भी संशोधित दरें लागू की गई हैं। हरियाणा में मजदूरी 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये और सिक्किम के ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।
95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान
नई रोजगार व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि जारी की है। सरकार का उद्देश्य समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करना और ग्रामीण विकास कार्यों को बिना किसी बाधा के जारी रखना है।
ग्रामीण विकास पर रहेगा विशेष फोकस
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर रोजगार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह कानून विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ गांवों की अर्थव्यवस्था और आजीविका सुरक्षा को नई दिशा देगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक ई-केवाईसी सत्यापित पुराने जॉब कार्ड मान्य रहेंगे। नई योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि विकास, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के निर्माण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायतों की भूमिका भी पहले की तरह महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
विपक्ष ने उठाए कुछ सवाल
नई व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने मांग आधारित रोजगार व्यवस्था, पंचायतों की भूमिका और पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि नया कानून ग्रामीण रोजगार को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाएगा। सरकार 2 जुलाई को मुक्कावरिपल्ली गांव में राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेगी, जहां नए रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे और योजना से जुड़ी जागरूकता सामग्री भी जारी की जाएगी।