अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर जवाबी हमला! तालिबान ने सीमा पार एयरस्ट्राइक का किया दावा, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के भीतर ISIS-K ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करने का दावा किया है। हालिया सीमा पार सैन्य कार्रवाइयों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।;
काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। तालिबान प्रशासन ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान की सीमा के भीतर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्रों में मौजूद कथित इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) के ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए हैं। यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा हाल ही में अफगानिस्तान के भीतर किए गए सैन्य अभियानों के बाद सामने आई है।
तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य उन ठिकानों को निशाना बनाना था, जहां से अफगानिस्तान के भीतर आतंकी गतिविधियों और हमलों की योजना बनाई जा रही थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
The Ministry of Defense of the Islamic Emirate has confirmed that Afghanistan's air force carried out airstrikes on ISIS centers in Balochistan and Khyber Pakhtunkhwa.According to the ministry, the targeted sites were being used to plan sabotage operations and attacks against… pic.twitter.com/obXtCilAuz
— TOLOnews English (@TOLONewsEnglish) June 30, 2026
रक्षा मंत्रालय ने कार्रवाई को बताया जरूरी
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सैन्य अभियान पूरी सटीकता के साथ चलाया गया और इसमें केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय का दावा है कि कार्रवाई में ISIS-K को भारी नुकसान पहुंचा है तथा किसी भी आम नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।
तालिबान प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में अफगानिस्तान की सुरक्षा के लिए किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न होता है तो ऐसे ठिकानों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में पाकिस्तान ने भी अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान का कहना था कि इन अभियानों का लक्ष्य आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करना था। वहीं, अफगान पक्ष ने आरोप लगाया कि इन हमलों में नागरिकों की भी मौत हुई।
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई में कम से कम 28 नागरिकों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। दूसरी ओर, तालिबान सरकार के प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने इससे अधिक संख्या में हताहत होने का दावा किया था। पाकिस्तान ने अपने अभियान में कई आतंकियों के मारे जाने की बात कही थी।
भारत ने जताई चिंता
इस पूरे घटनाक्रम पर भारत ने भी चिंता व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की पूर्व सैन्य कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए और क्षेत्रीय शांति बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है। भारत ने संयम बरतने और विवादों का समाधान संवाद के माध्यम से करने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब दोनों पड़ोसी देशों की अगली रणनीति पर टिकी हैं।