मॉनसून ने बढ़ाई रफ्तार, यूपी-एमपी समेत कई राज्यों में एंट्री; जानें दिल्ली-NCR में कब होगी झमाझम बारिश

मॉनसून ने यूपी, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में रफ्तार पकड़ ली है। जानिए दिल्ली-NCR में मॉनसून कब पहुंचेगा, किन राज्यों में रेड अलर्ट जारी हुआ है और अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान।;

Update: 2026-06-30 10:48 GMT

नई दिल्ली। जून महीने में अपेक्षाकृत धीमी रफ्तार से आगे बढ़ने वाला दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में मॉनसूनी बारिश की शुरुआत हो चुकी है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी जल्द राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने पश्चिमी तट के कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

यूपी और उत्तर भारत में तेजी से आगे बढ़ रहा मॉनसून

आईएमडी के वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने मंगलवार को पूर्वी भारत के शेष हिस्सों के साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के कई इलाकों में दस्तक दे दी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी मॉनसून सक्रिय हो चुका है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में मॉनसून उत्तर प्रदेश के शेष भागों, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के बाकी क्षेत्रों में भी बारिश का दायरा बढ़ेगा।

दिल्ली-NCR में कब पहुंचेगा मॉनसून?

भीषण गर्मी और उमस झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 या 4 जुलाई तक मॉनसून दिल्ली पहुंच सकता है। इसके बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। पंजाब और हरियाणा में भी 2 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में मानसून का विस्तार जारी

मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रवेश कर लिया है और अगले 48 से 72 घंटों के भीतर पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा। क्षेत्रीय मौसम केंद्र, लखनऊ के अनुसार 1 से 2 जुलाई तक अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली मौसमी द्रोणी पंजाब से उत्तर प्रदेश होते हुए उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा आजमगढ़, अयोध्या, बरेली और देहरादून से होकर गुजर रही है।

एमपी, छत्तीसगढ़ और बिहार में भी तेज होगी बारिश

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के अधिकांश हिस्सों में भी मॉनसून सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 1 से 3 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

पश्चिम मध्य प्रदेश में 2 से 4 जुलाई तक तेज बारिश हो सकती है। वहीं बिहार में 30 जून और 1 जुलाई को भारी वर्षा के बाद अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। ओडिशा के अधिकांश जिलों में भी 6 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मुंबई, कोंकण और गोवा के लिए रेड अलर्ट

पश्चिमी तट पर मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। आईएमडी ने कोंकण, गोवा और मुंबई क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 2 से 4 जुलाई के बीच कोंकण और गोवा में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 जुलाई को मुंबई में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई गई है।

दक्षिण गुजरात, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों और तटीय कर्नाटक में भी मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 2 जुलाई से बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश सहित कई पहाड़ी इलाकों में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और मडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है।

मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में 3 जुलाई के आसपास बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र मॉनसून को और अधिक सक्रिय करेगा, जिससे मध्य और उत्तर भारत में व्यापक वर्षा होगी।

Tags:    

Similar News