यूपी में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, एक लाख का इनामी बदमाश भानु प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने अयोध्या में हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। उस पर हत्या, डकैती समेत 40 से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे।;

Update: 2026-06-08 03:47 GMT
अयोध्या। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता मिली है। प्रयागराज एसटीएफ की टीम ने अयोध्या जिले में हुई मुठभेड़ के दौरान कुख्यात अपराधी और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। भानु प्रताप सिंह पर हत्या, डकैती और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था।

देर रात हुई मुठभेड़

जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में एसटीएफ और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। प्रयागराज एसटीएफ की टीम इंस्पेक्टर जेपी राय के नेतृत्व में अभियान चला रही थी। इसी दौरान भानु प्रताप सिंह की मौजूदगी की सूचना मिलने पर घेराबंदी की गई।

पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख भानु प्रताप सिंह ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस उसे तत्काल अयोध्या मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

40 से अधिक मामलों में था आरोपी

भानु प्रताप सिंह गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधनापार गांव का रहने वाला था। उस पर हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह कई वर्षों से सक्रिय अपराधी था और विभिन्न जिलों में उसकी तलाश की जा रही थी।

सूत्रों के मुताबिक, भानु पर अलग-अलग जनपदों में एक लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 15 हजार रुपये तक के इनाम घोषित थे। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार अभियान चलाया गया था, लेकिन वह पुलिस को चकमा देने में सफल रहता था।

सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी देर रात तक घटनास्थल का निरीक्षण करते रहे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

दर्शन नगर चौकी प्रभारी बृजभूषण ने बताया कि घायल अवस्था में भानु प्रताप सिंह को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

एसटीएफ की इस कार्रवाई को प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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