सोनम वांगचुक ने एंटी पेपर लीक बिल का किया स्वागत, बोले- सरकार वादे निभाए, छात्रों पर कार्रवाई न हो

सोनम वांगचुक ने लोकसभा से पारित एंटी पेपर लीक बिल का स्वागत किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई न करने की सरकार से अपील की।;

Update: 2026-07-30 05:38 GMT
लद्दाख। शिक्षा सुधार और छात्रों के मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए कानून बनाना सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके साथ-साथ पूरी शिक्षा व्यवस्था में भी व्यापक सुधार की आवश्यकता है। वांगचुक ने यह भी अपील की कि सरकार आंदोलन के दौरान प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करे और पहले किए गए आश्वासनों का सम्मान करे।

जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और अनशन के बाद चर्चा में आए सोनम वांगचुक ने कहा कि देश के युवाओं का विश्वास बहाल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनके अनुसार, केवल कठोर कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि शिक्षा प्रणाली को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना भी उतना ही जरूरी है।

अनशन के बाद लौटे लद्दाख, साझा किया अनुभव

दिल्ली में आंदोलन समाप्त होने और स्वास्थ्य लाभ के बाद सोनम वांगचुक अपने गृह क्षेत्र लद्दाख लौट गए। इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन में यात्रा की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने इस यात्रा को यादगार बताते हुए भारतीय रेलवे की सराहना की। उन्होंने कहा कि चिनाब ब्रिज को करीब से देखने का अनुभव बेहद खास रहा और देश के बुनियादी ढांचे में हो रहे विकास पर उन्हें गर्व है।

वांगचुक ने कहा कि संसद में परीक्षा सुधार को लेकर विधेयक लाया जाना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था। इसलिए इस दिशा में हुई प्रगति से उन्हें संतोष है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुधार केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि पूरी शिक्षा प्रणाली में बदलाव होना चाहिए ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

सरकार से समझौते निभाने की अपील

सोनम वांगचुक ने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन के दौरान जिन बातों पर सहमति बनी थी, उन्हें पूरी तरह लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर संवेदनशीलता से विचार होना चाहिए और युवाओं के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई से बचना चाहिए। उनके अनुसार, यदि सरकार अपने वादों का पालन करती है तो इससे छात्रों और युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और सरकार को ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जिसमें छात्र बिना भय के अपनी बात रख सकें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

एंटी पेपर लीक विधेयक में सख्त प्रावधान

लोकसभा से पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 में परीक्षा में धांधली और संगठित पेपर लीक पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। विधेयक के अनुसार दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, संपत्ति जब्त करने की व्यवस्था, विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन और समयबद्ध जांच जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इन उपायों से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और संगठित पेपर लीक गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। हालांकि विधेयक को कानून बनने से पहले राज्यसभा से भी पारित होना बाकी है।

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