संसद में फिर हंगामा: लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित, राज्यसभा से विपक्षी सांसदों का वॉकआउट
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई। राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी रही। प्रियंका गांधी और कपिल सिब्बल ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा।;
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी रही। यह विधेयक परीक्षा में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से लाया गया है।
लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। इसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।
राज्यसभा से विपक्षी सांसदों का वॉकआउट
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया और वॉकआउट किया।
मकर द्वार पर कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन
संसद परिसर में कांग्रेस सांसदों ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे मामले पर सदन में जवाब देने की मांग की। मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में गंभीर आरोपों और सार्वजनिक चिंताओं पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब दिया जाना आवश्यक है।
राज्यसभा में विधेयक पर जारी रही चर्चा
दूसरी ओर, राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने विधेयक को प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। विपक्षी दलों ने भी परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता स्वीकार की, हालांकि कई सदस्यों ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए और जवाबदेही की व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की।
कपिल सिब्बल ने गृह मंत्री से मांगा जवाब
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित रूप से पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार के बल प्रयोग या पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सिब्बल ने कहा कि यदि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने ऐसा निर्णय लिया था, तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उस निर्णय को उचित माना गया या नहीं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है और इस विषय पर सरकार को स्पष्ट बयान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में सरकार की ओर से पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया गया था, लेकिन बाद में विपक्ष ने कथित तौर पर घायल प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें और वीडियो सामने रखे। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
संसद में टकराव के बीच आगे की रणनीति पर नजर
संसद के दोनों सदनों में परीक्षा सुधार, छात्र आंदोलन और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। जहां सरकार नए परीक्षा कानून को पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आगामी दिनों में संसद में इन विषयों पर और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।