रूस-यूक्रेन युद्ध की चपेट में भारतीय नाविक, मिसाइल हमले में 4 भारतीयों की मौत; भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ओडेसा से रवाना मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। भारत सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए रूस के वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया।;
नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक मालवाहक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में 4 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल बताया गया है।
घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में रूस के एक वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है। सरकार ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और नागरिक जहाजों की सुरक्षा का सम्मान करने की अपील की है।
ओडेसा से रवाना होने के बाद हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो ने यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से मक्के की खेप लेकर यात्रा शुरू की थी। इसी दौरान जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हमले में कुल 10 लोगों की मौत की सूचना है, जिनमें चार भारतीय नाविक शामिल हैं। एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन और अस्पताल के संपर्क में है तथा घायल नाविक को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
केरल के युवा नाविक की शादी से पहले बुझ गया घर का चिराग
मृतकों में केरल के कासरगोड जिले के रहने वाले 26 वर्षीय अखिल जोयन भी शामिल हैं। वह परिवार के इकलौते बेटे थे और मर्चेंट नेवी में कई वर्षों से कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि उनकी शादी दो महीने बाद होने वाली थी। कुछ महीने पहले ही वह सगाई के लिए घर आए थे। परिवार को उनके निधन की सूचना शिपिंग कंपनी की ओर से ईमेल के माध्यम से दी गई। इस खबर के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
हाल के दिनों में समुद्री मार्गों पर बढ़ा खतरा
पिछले कुछ सप्ताहों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। हाल ही में पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र में हुई एक अन्य सैन्य कार्रवाई में भी भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों के पास संचालित वाणिज्यिक जहाज अब पहले की तुलना में अधिक जोखिम का सामना कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने जताया कड़ा विरोध
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत निर्दोष नागरिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करता है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि घायल भारतीय के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जाती है। सरकार ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में चल रहे व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। भारत ने कहा कि समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
दूतावास लगातार बना हुआ है संपर्क में
यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक कूटनीतिक और मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।