कश्मीरी पंडितों को फिर डराने की कोशिश, 1990 जैसे हालात बनाने की साजिश: सुनील पंडित

कश्मीरी पंडित सुनील पंडित ने कश्मीर में कश्मीरी पंडितों और गैर-स्थानीय लोगों को कथित तौर पर डराने-धमकाने को लेकर डॉ. फारूक अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधा है;

Update: 2026-09-07 17:15 GMT

जम्मू। कश्मीरी पंडित सुनील पंडित ने कश्मीर में कश्मीरी पंडितों और गैर-स्थानीय लोगों को कथित तौर पर डराने-धमकाने को लेकर डॉ. फारूक अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1990 के दौर जैसी परिस्थितियां दोबारा पैदा करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, जम्मू यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. उमेश राय ने विश्वविद्यालय के विस्तार और भवनों की सुरक्षा को लेकर अपनी योजनाओं की जानकारी दी।

सुनील पंडित ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस को कश्मीर में मौजूदा परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि कश्मीरी पंडितों के खिलाफ पहले जैसी परिस्थितियां दोबारा बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कश्मीर आए लोगों को भी कथित तौर पर धमकाया जा रहा है। इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर में उनकी कृषि भूमि खेती के लिए एक सहयोगी को दी गई थी, लेकिन अब किसी अन्य व्यक्ति द्वारा वहां अपना प्रभुत्व स्थापित करने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।

सुनील पंडित ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस को जानकारी दी, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने इसे कश्मीरी पंडितों और गैर-स्थानीय लोगों को कश्मीर में बसने से रोकने की कथित साजिश का हिस्सा बताया।

इसी बीच जम्मू यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. उमेश राय ने विश्वविद्यालय के विकास को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को जम्मू यूनिवर्सिटी अपना 58वां स्थापना दिवस मनाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में विकास तथा विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के परिसर में करीब 18 एकड़ जमीन और जुड़ने वाली है। यह जमीन पहले सेना के अधीन थी। विश्वविद्यालय के प्रयासों और रक्षा मंत्री के सहयोग से इसे विश्वविद्यालय के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया संभव हुई है।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास को लेकर दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम किया जा रहा है। इसके लिए अगले 500 वर्षों को ध्यान में रखते हुए एक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप संस्थागत विकास करना है।

दिल्ली में हाल में हुई इमारत गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए प्रो. उमेश राय ने कहा कि जम्मू यूनिवर्सिटी अपने भवनों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की इमारतों का गहन निरीक्षण और सुरक्षा जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित जोखिम की समय रहते पहचान की जा सके। उन्होंने छात्राओं के हॉस्टल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जर्जर स्थिति में रहे गर्ल्स हॉस्टल के नवीनीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का जोर बुनियादी ढांचे को बेहतर और सुरक्षित बनाने पर है।

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