जितेंद्र मिश्रा के नाम पर फर्जी वीडियो वायरल, CJP-कांग्रेस से जुड़े अकाउंट्स पर उठे सवाल; पाकिस्तानी हैंडल से शुरू हुआ मामला

जितेंद्र मिश्रा के नाम पर वायरल फर्जी वीडियो को लेकर विवाद बढ़ा। वीडियो के पाकिस्तानी फेसबुक पेज से शुरू होने का दावा है और कांग्रेस व CJP से जुड़े अकाउंट्स पर शेयर करने के आरोप हैं।;

Update: 2026-09-07 11:15 GMT

नई दिल्ली। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ और पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर नशे की हालत में पार्टी करता नजर आ रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इसे उनके नाम से शेयर किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

पाकिस्तानी फेसबुक पेज से शेयर होने का दावा

सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के अनुसार, यह वीडियो सबसे पहले 3 सितंबर को पाकिस्तान के एक फेसबुक पेज से शेयर किया गया था। इसके बाद 6 सितंबर को कांग्रेस मीडिया कोऑर्डिनेटर रश्मि के अकाउंट से कथित तौर पर वीडियो डाउनलोड कर एक्स पर पोस्ट किया गया। इसके बाद CJP समर्थक एक अन्य हैंडल ने भी इसे शेयर किया।

मामला उस समय ज्यादा चर्चा में आ गया, जब CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया। उन्होंने पोस्ट में व्यक्ति की निजी जिंदगी को उसका व्यक्तिगत मामला बताते हुए धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर सवाल उठाने की कोशिश की।

अभिजीत दीपके ने दी सफाई

वीडियो की सत्यता पर सवाल उठने के बाद अभिजीत दीपके भी विवाद के केंद्र में आ गए। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि अब उन्हें जानकारी मिली है कि वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी पर टिप्पणी करना नहीं, बल्कि कथित दोहरे मापदंड यानी ‘हिपोक्रेसी’ को सामने रखना था।

उनकी सफाई के बाद भी यह सवाल उठ रहा है कि वीडियो की वास्तविक पहचान और सत्यता की पुष्टि किए बिना इसे सोशल मीडिया पर क्यों साझा किया गया। खास तौर पर तब, जब इसकी शुरुआती पोस्ट के पाकिस्तान से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है।

नेशनल दस्तक ने भी शेयर किया वीडियो

वायरल वीडियो को बाद में नेशनल दस्तक के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी शेयर किए जाने की बात सामने आई। इस तरह एक ऐसे वीडियो की सोशल मीडिया पर पहुंच बढ़ती गई, जिसकी पहचान और संदर्भ को लेकर पहले ही सवाल मौजूद थे।

इस पूरे मामले में सबसे अहम मुद्दा वीडियो की सत्यता है। किसी व्यक्ति के नाम से फर्जी या गलत पहचान वाला वीडियो वायरल करना उसकी छवि को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स के लिए जरूरी है कि किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसके स्रोत और व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करें।

कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी प्रकरण के बाद मंदिर के कामकाज की जिम्मेदारी संभालने के लिए 62 वर्षीय रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को CEO नियुक्त किया है। वह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। उनकी नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल किए जा रहे इस वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

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