लोकसभा में बोले राहुल गांधी, ये महिला बिल है ही नहीं, ये भारत का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश

Rahul Gandhi on Women Bill: राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश बताया और कहा कि यह बिल जाति जनगणना को दरकिनार करने का प्रयास है।;

Update: 2026-04-17 10:09 GMT

नई दिल्‍ली। महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि ये महिला आरक्षण बिल है ही नहीं, ये भारत का चुनावी नक्‍शा बदलने की कोशिश है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि ये बिल जब साल 2023 में इसी सदन में पास हो गया था, तो फिर अब तक क्‍यों लटका हुआ था। राहुल गांधी ने कहा, "देश में महिलाएं सेंट्रल फोर्स होती हैं। हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि कल जब वह स्पीच दे रही थी, पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया। अमित शाह के चेहरे पर स्माइल आ गई।"

संविधान के ऊपर मनुवाद को तरजीह देना

राहुल गांधी ने कहा, "हम सबने अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। मां, बहन, पत्नी से.. पीएम और मेरी पत्नी नहीं है! मेरी बहन ने कल अपने भाषण के दौरान अमित शाह को भी हंसा दिया.. ये मुझे सीखना है। सब जानते हैं कि भारतीय समाज में ओबीसी, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय और महिलाओं के साथ कैसा भेदभाव किया गया? ये बिल जाति जनगणना को किनारे करने के लिए है। संविधान के ऊपर मनुवाद को तरजीह देना है।"

आप ओबीसी और दलित को हिंदू कहते हैं, लेकिन उन्हें देश में कोई...

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अपनी घटती ताकत के कारण आप देश के नक्शे को बदलना चाहते हैं। आपने असम, जम्मू कश्मीर में किया और अब देश में करने के लिए आपको संविधान संशोधन चाहिए। ये देश विरोधी है। हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे। उद्योग-धंधे, निजी क्षेत्र, न्यायपालिका में दलित कहां हैं? आप ओबीसी और दलित को हिंदू कहते हैं, लेकिन उन्हें देश में कोई जगह नहीं देते।

राहुल गांधी ने जब सवाल उठाया कि ये बिल अब तक क्‍यों लागू नहीं किया गया, तो हंगामे के बीच मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राजीव गांधी ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था। इंदिरा गांधी और बाजपेयी को मौका मिला, लेकिन उन्होंने परिसीमन से परहेज किया क्‍योंकि उन्हें इसके खतरे का एहसास था।

सत्ता छीनने की कोशिश

संसद में बोलते हुए लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि भारतीय समाज ने दलितों और ओबीसी तथा उनकी महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया। यहां जो प्रयास किया जा रहा है वह जाति जनगणना को दरकिनार करने का है। यहां, वे मेरे ओबीसी भाइयों और बहनों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने और उनसे सत्ता छीनने की कोशिश कर रहे हैं।"

राहुल गांधी के भाषण की 10 बड़ी बातें

राष्ट्रीय दृष्टिकोण में महिलाओं की भूमिका: राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि हमारे राष्ट्रीय दृष्टिकोण में महिलाएं एक प्रमुख प्रेरक शक्ति हैं।


सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं: मौजूदा बिल की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई महिला बिल नहीं है और इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई संबंध नहीं है।

2023 के बिल पर तत्काल समर्थन की चुनौती: उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि 2023 का महिला बिल वापस लाया जाता है, तो विपक्ष उसे लागू करने के लिए इसी वक्त पास कराने में मदद करेगा।

ओबीसी वर्ग की अनदेखी: गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का मुख्य एजेंडा ओबीसी वर्ग को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचना है।

जातीय जनगणना के प्रभाव को 15 साल तक टालना: उन्होंने दावा किया कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि अगले 15 वर्षों तक जातीय जनगणना का राजनीतिक प्रतिनिधित्व से कोई संबंध न रहे।

बीजेपी को जनाधार खिसकने का डर: विपक्ष के नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपनी ताकत कम होने से डरी हुई है।

राजनीतिक नक्शे में बदलाव की कोशिश: सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वह भारतीय राजनीतिक मानचित्र को फिर से व्यवस्थित करने का प्रयास कर रही है।

छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व को खतरा: राहुल गांधी के अनुसार, सरकार दक्षिण, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को यह संदेश दे रही है कि बीजेपी को सत्ता में बनाए रखने के लिए उनका प्रतिनिधित्व उनसे छीन लिया जाएगा।

सरकार का कदम 'राष्ट्र-विरोधी': सरकार के इस पूरे प्रयास को उन्होंने 'राष्ट्र-विरोधी कृत्य' करार दिया और चेतावनी दी कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर इसे हर हाल में हराएगा। उन्होंने अपने संबोधन में एक अपनी दादी इंदिरा गांधी का जिक्र कर कहा कि उनसे उन्होंने (निडर) रहना सीखा है। अपनी बहन प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम कितने दिलेर हैं, यह कल एक सांसद के तौर पर प्रियंका गांधी के संबोधन के दौरान सबने देखा।

राज्यों को अधिकारों की रक्षा का आश्वासन: उन्होंने दक्षिण, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को पूरा भरोसा दिलाया कि विपक्ष सरकार को भारत संघ में उनके प्रतिनिधित्व के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने देगा।

राहुल गांधी के ये 10 बयान इस बात का साफ संकेत हैं कि आगामी संसद सत्रों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ेगा। महिला आरक्षण की संरचना से लेकर जातीय जनगणना और राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक, विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह सरकार के किसी भी एकतरफा फैसले का कड़ा विरोध करेगा।

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