परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन, पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। समिति परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीक और दीर्घकालिक सुधारों पर सिफारिशें देगी।;

Update: 2026-07-26 15:24 GMT
नई दिल्ली। देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि परीक्षा सुधारों के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह समिति देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक और दीर्घकालिक सुधारों के सुझाव देगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

परीक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने पर जोर

सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है और कई आरोपी कानून के शिकंजे में हैं।

प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उनका कहना था कि केवल तात्कालिक समाधान नहीं, बल्कि स्थायी सुधारों पर ध्यान दिया जा रहा है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और नए कानून की तैयारी

प्रधानमंत्री ने बताया कि परीक्षा से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही सरकार परीक्षा संबंधी अपराधों के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाला नया कानून लाने की दिशा में भी काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानूनी ढांचा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा।

तकनीक के जरिए बढ़ेगी पारदर्शिता

सरकार परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक के व्यापक इस्तेमाल पर भी जोर दे रही है। डिजिटल निगरानी, उन्नत सुरक्षा तंत्र और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान लागू कर परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की योजना है। उद्देश्य यह है कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके।

टास्क फोर्स में शामिल होंगे ये विशेषज्ञ

सरकार द्वारा गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं—

नंदन नीलेकणि (अध्यक्ष), प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और इंफोसिस के सह-संस्थापक

पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ

पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका

आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि

पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल

यह समिति परीक्षा सुधारों से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।

सुधारों की दिशा में अहम कदम

सरकार का कहना है कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें निष्पक्षता, पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता सर्वोच्च स्तर पर सुनिश्चित की जा सके।

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