'यह अंत नहीं, नई शुरुआत है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दीपके का वीडियो संदेश
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर कहा कि आंदोलन की सफलता अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने समर्थकों और आलोचकों का आभार जताते हुए युवाओं के साथ आगे भी काम जारी रखने की बात कही।;
वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने पिछले 37 दिनों के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि यह समय उनके और आंदोलन से जुड़े हजारों लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद वह लगातार जुड़े रहे। उन्होंने बताया कि बीमारी और तेज बुखार के कारण वह जंतर-मंतर पर मौजूद सभी समर्थकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं कर सके, लेकिन सभी के प्रति उनका आभार हमेशा रहेगा।
CJP Founder @abhijeet_dipke releases a video thanking everyone who made the huge victory of the youth possible.
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 26, 2026
He also thanks all critics for helping him improve, and eventually deliver on the promise of the Cockroach Janta Party’s first campaign. #ANewDay pic.twitter.com/1JQNozymLo
समर्थकों का जताया आभार
दीपके ने कहा कि जिन लोगों ने पूरे आंदोलन के दौरान धैर्य और अनुशासन बनाए रखा, उनकी बदौलत यह अभियान अपने लक्ष्य तक पहुंच सका। उन्होंने कहा कि देशभर से आए छात्रों, युवाओं और स्वयंसेवकों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने लगातार आंदोलन का हिस्सा बनकर इसे मजबूत बनाया। उनके अनुसार, युवाओं की एकजुटता ने यह साबित किया कि लोकतांत्रिक तरीके से भी बड़े मुद्दों पर प्रभावी आवाज उठाई जा सकती है।
'अभी लंबा सफर बाकी है'
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार की ओर से कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाना महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसे अंतिम मंजिल नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि CJP का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी काम करना है।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ शुरुआत है। हमें अभी बहुत लंबा सफर तय करना है। आने वाले समय में संगठन देशभर के युवाओं के साथ मिलकर रचनात्मक तरीके से अपनी मुहिम जारी रखेगा।"
आलोचकों को भी कहा धन्यवाद
दीपके ने अपने संदेश में उन लोगों का भी आभार जताया जिन्होंने आंदोलन के दौरान उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आलोचनाओं से उन्हें अपनी कमियों को समझने और संगठन को बेहतर बनाने का अवसर मिला। उनके अनुसार, सकारात्मक आलोचना किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन को मजबूत बनाती है।
उन्होंने अंत में कहा कि आंदोलन की सफलता के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। अब संगठन का प्रयास रहेगा कि युवाओं के हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दों पर लगातार सकारात्मक पहल की जाए।