'छात्रों को पीटने का आदेश किसने दिया?' राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी, कार्रवाई पर मांगा जवाब

राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि छात्रों पर बल प्रयोग और कथित पैलेट गन इस्तेमाल का आदेश किसने दिया तथा जवाबदेही तय करने की मांग की।;

Update: 2026-07-26 06:53 GMT
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और सरकार से पूछा कि आखिर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की बात सुनने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

पैलेट गन के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांगा है। उन्होंने लिखा कि मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो व तस्वीरों में कई छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने की बातें सामने आई हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया।

उन्होंने हरियाणा के एक छात्र साहिल लोचब का उल्लेख करते हुए कहा कि वह कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुआ है और उसकी एक आंख की रोशनी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। राहुल ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

गृह मंत्री से पूछे दो अहम सवाल

अपने पत्र में राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से दो सीधे सवाल पूछे। पहला, क्या छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित कठोर बल प्रयोग की अनुमति गृह मंत्रालय की ओर से दी गई थी? यदि नहीं, तो यह आदेश किस स्तर से जारी हुआ?

दूसरा, उन्होंने उन लोगों की पहचान स्पष्ट करने की मांग की जो सादे कपड़ों में प्रदर्शनकारियों के बीच दिखाई दिए। राहुल ने पूछा कि क्या वे पुलिसकर्मी थे, किसी अन्य सुरक्षा एजेंसी से जुड़े थे या स्वयंसेवक थे, और उनकी तैनाती किसके निर्देश पर की गई।

लोकतांत्रिक अधिकारों का किया जिक्र

राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संविधान प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने लिखा कि सरकार का दायित्व प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से करना है, न कि बल प्रयोग के जरिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्रवाई में अत्यधिक बल का इस्तेमाल हुआ है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से इस पूरे घटनाक्रम पर पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि देश का युवा निष्पक्ष जवाब और जवाबदेही चाहता है।

Tags:    

Similar News