मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, गोलीबारी में कुकी समुदाय के 3 लोगों की मौत; दो लापता युवकों के शव भी मिले
मणिपुर के नोनी जिले में गोलीबारी में कुकी समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, कांगपोकपी से लापता दो युवकों के शव मिलने से राज्य में तनाव बढ़ गया है।;
इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। कुकी समुदाय के संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कुकी संगठन ने नागा उग्रवादी समूहों पर लगाए आरोप
कुकी नागरिक संगठनों के मुताबिक, गोलीबारी में मारे गए तीनों युवक ग्राम स्वयंसेवक थे। कुकी समुदाय के सर्वोच्च निकाय कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने उनकी हत्या पर गहरा दुख जताया है। संगठन ने आधिकारिक बयान जारी कर आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे नागा उग्रवादी समूहों का हाथ है।
KIM ने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने की मांग की है। हालांकि, गोलीबारी के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कांगपोकपी में दो लापता युवकों के शव बरामद
मणिपुर में तनाव के बीच एक अन्य घटना में सुरक्षा बलों ने रविवार को तलाशी अभियान के दौरान दो लोगों के शव बरामद किए। दोनों युवक 28 अक्टूबर को कांगपोकपी जिले से लापता हो गए थे। उनकी पहचान तांगगिनलुन चोंगलोई और पाओगिनलाल हांगसिंग के रूप में हुई है। दोनों ताफौ गांव के रहने वाले थे।
पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के एसपी रोड के पास पूर्वी क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इसी दौरान दोनों के शव मिले। उनके लापता होने के बाद मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों ने कई जगहों पर खोज अभियान चलाया था।
48 घंटे के बंद और नाकेबंदी से बढ़ा तनाव
दोनों युवकों के लापता होने के बाद कांगपोकपी स्थित संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने उनकी सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर 48 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान किया था। यह बंद 29 अक्टूबर शाम पांच बजे शुरू हुआ था और 31 अक्टूबर शाम पांच बजे तक प्रस्तावित था।
संगठन ने बंद के साथ मणिपुर के राजमार्गों पर नाकेबंदी भी बढ़ाने का फैसला किया। लगातार सामने आ रही हिंसा, गोलीबारी और शव बरामद होने की घटनाओं ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन के सामने शांति बहाल करने और तनाव को फैलने से रोकने की चुनौती है।