वोट चोरी के खिलाफ रामलीला मैदान पहुंचे राहुल, अखिलेश और तेजस्वी, खुली बस में निकला INDIA गठबंधन का काफिला
दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी और SIR के विरोध में INDIA गठबंधन की महारैली हुई। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेता खुली बस में पहुंचे। रैली में चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग उठी।;
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में INDIA गठबंधन की महारैली आयोजित की गई। रैली में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी दलों के नेता एक साथ पहुंचे। सभी नेता पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर जुटे। इसके बाद खुली बस में सवार होकर मिंटो ब्रिज के लिए रवाना हुए और वहां से मार्च करते हुए रामलीला मैदान पहुंचे। विपक्ष ने रैली में एक लाख लोगों के जुटने का दावा किया, जबकि दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक मैदान और आसपास करीब 35 से 40 हजार लोग पहुंचे।
खुली बस में दिखी विपक्षी एकजुटता, कई दलों के नेता रहे मौजूद
विपक्षी नेताओं का काफिला मिंटो ब्रिज से रामलीला मैदान की ओर बढ़ा। खुली गाड़ी में राहुल गांधी सबसे आगे ड्राइवर के बगल में बैठे नजर आए। उनके साथ समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और वामपंथी दलों के नेता भी मौजूद रहे। रैली का मार्ग कनॉट प्लेस से मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक निर्धारित किया गया था।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। दिल्ली पुलिस ने कई रास्तों पर यातायात प्रतिबंध लगाए और कुछ सड़कों को बंद रखा। विपक्ष का कहना है कि पिछले 25 दिनों में इस मुद्दे पर गठबंधन सातवीं बार एकजुट हुआ है। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार प्रदर्शन किए गए थे।
राहुल गांधी ने दुकानों के बंद होने पर उठाए सवाल
रैली से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस पहुंचने पर उन्हें पता चला कि बीजेपी ने जबरन सभी दुकानें बंद करवा दी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों से मार्च और रैली में आने के दौरान खरीदारी करने की अपील की गई थी, लेकिन दुकानों के बंद रहने से व्यापारियों को नुकसान हुआ। राहुल ने सवाल उठाया कि व्यापारियों का नुकसान कौन करवा रहा है।
अखिलेश यादव ने 1.27 करोड़ वोट कम होने का मुद्दा उठाया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रैली में पहुंचकर उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में कथित कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 1.27 करोड़ वोट कम होने की बात स्वीकार की है। अखिलेश ने सवाल किया कि यह आंकड़ा कहां से आया और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है। उन्होंने इसे अन्याय और कथित झूठे वादों के खिलाफ आंदोलन बताया।
अशोक गहलोत और संजय राउत ने भी चुनाव आयोग पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि यदि मतदाताओं के नाम बिना जानकारी के सूची से हटाए जाते हैं तो लोकतंत्र की मजबूती पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने की अपील की।
वहीं, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता मौजूदा सरकार से बदलाव चाहती है और रामलीला मैदान में दिखाई देने वाली ताकत किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि देश की जनता की है।
बाजार और कारोबार पर भी पड़ा असर
रैली और सुरक्षा इंतजामों का असर सेंट्रल दिल्ली के कारोबार पर भी देखने को मिला। आईटीओ से रामलीला मैदान की ओर जाने वाली सड़क बंद होने के कारण आसपास के व्यापारियों को परेशानी हुई। दरियागंज में रविवार को लगने वाला प्रसिद्ध फुटपाथ किताब बाजार भी नहीं लगा। दुकानदारों का कहना है कि लगातार प्रदर्शनों के कारण पिछले कुछ हफ्तों से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
विपक्ष की इस रैली में SIR के विरोध के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।