मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव, 28 दिन से लापता छह लोगों के शव बरामद; बंद का ऐलान

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 13 मई से लापता छह लोगों के शव बरामद होने के बाद तनाव बढ़ गया है। यूनाइटेड नागा काउंसिल ने बंद का आह्वान किया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।;

Update: 2026-06-11 04:19 GMT

इंफाल। मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 13 मई से लापता छह लोगों के शव बरामद होने के बाद राज्य में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए व्यापक तलाशी अभियान के दौरान शवों की बरामदगी हुई। घटना के बाद विभिन्न संगठनों और स्थानीय समुदायों में आक्रोश देखा जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने लगातार अभियान चलाया, जिसके बाद यह सफलता मिली। अधिकारियों ने बताया कि शवों की पहचान और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

सुरक्षा बलों ने चलाया विशेष अभियान

मणिपुर के पुलिस महानिदेशक ने बताया कि लगभग 15 संयुक्त टीमों ने 24 घंटे से अधिक समय तक सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि लापता लोगों के साथ क्या हुआ और घटना के पीछे कौन जिम्मेदार है।

सुरक्षा बलों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

यूनाइटेड नागा काउंसिल ने उठाई मांगें

घटना के बाद United Naga Council (UNC) ने नागा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

UNC ने राज्य सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाएं क्षेत्र में शांति और विश्वास बहाली के प्रयासों को प्रभावित करती हैं।

मई में हुई घटनाओं के बाद बढ़ा था तनाव

जानकारी के अनुसार, 13 मई को कांगपोकपी जिले में हुई हिंसक घटनाओं के बाद कई लोगों के लापता होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाकर कुछ बंधकों को सुरक्षित छुड़ाया था, जबकि अन्य की तलाश जारी थी।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में कुछ लोगों की रिहाई भी हुई थी, लेकिन छह लापता व्यक्तियों का कोई पता नहीं चल पाया था। अब शव मिलने के बाद क्षेत्र में दुख और चिंता का माहौल है।

मणिपुर बंद आज

मणिपुर में नागा समुदाय की सबसे बड़ी संस्था UNC ने इन हत्याओं के विरोध में 11 जून की सुबह 6 बजे से 12 जून की सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। UNC ने सभी नागरिकों से शांतिपूर्ण ढंग से शटडाउन (बंद) का पालन करने और न्याय मिलने तक नागा समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की। ​​आदिवासी संगठन ने यह भी घोषणा की कि जब तक उनकी चार सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता और मणिपुर सरकार व केंद्र सरकार द्वारा पीड़ितों के परिवारों को न्याय सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक छह नागा बंधकों के शव नहीं लिए जाएंगे।

मणिपुर के डीप्टी सीएम ने हत्या को बताया घिनौनी करतूत

हत्याओं की निंदा करते हुए मणिपुर की डिप्टी सीएम नेमचा किपजेन ने कहा कि हिंसा की यह घिनौनी हरकत बहुत दुखद है और इसने समाज की अंतरात्मा पर गहरी छाप छोड़ी है। किपजेन ने कहा कि हमारे राज्य में ऐसी बर्बरता के लिए कोई जगह नहीं है और यह मानवता, आपसी सम्मान और उन मूल्यों के खिलाफ है जिन्हें हम सब मानते हैं। आइए, समझ, करुणा और बातचीत को बढ़ावा देकर पीड़ितों की याद का सम्मान करें। मैं सभी से शांति और सद्भाव बहाल करने की दिशा में काम करने की अपील करती हूं, ताकि मणिपुर एकता और उम्मीद की धरती बना रहे।

शांति और संवाद की अपील

इस घटनाक्रम पर कई सामाजिक और राजनीतिक नेताओं ने चिंता जताई है। उन्होंने सभी समुदायों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों को कानून के दायरे में लाने की मांग की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मणिपुर में स्थायी शांति के लिए विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और विश्वास बहाली की प्रक्रिया को मजबूत करना आवश्यक है। फिलहाल पूरे मामले पर राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है।

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