पेपर लीक से जुड़ा परीक्षा संशोधन बिल केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया पेश, विपक्ष का हंगामा, लोकसभा 2 बजे तक स्थगित
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। आज लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पेश किया गया, जबकि विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा।;
नई दिल्ली। पेपर लीक से जुड़े मामलों पर सख्ती बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पेश किया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में यह बिल प्रस्तुत किया, जिसमें परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और संगठित नकल पर कड़े दंड का प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव है।
हालांकि, विधेयक पेश होते ही विपक्ष ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और हालिया घटनाओं को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। अब इस विधेयक पर आगे की चर्चा कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद होने की संभावना है।
पेपर लीक कानून पर सरकार का बड़ा कदम
केंद्र सरकार आज लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक सदन में पेश करने जा रही है। इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर सख्त रोक लगाना है। सरकार का दावा है कि नए प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी। वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी जरूरत है।
प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन
संसद परिसर के मकर द्वार पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित विपक्षी दलों के कई सांसदों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बनाया और केंद्र सरकार से जवाब मांगा।
विपक्षी नेताओं ने मांग की कि छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो उसकी जवाबदेही तय की जाए। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग दोहराई।
धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे
शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद परिसर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने उनका स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद सहयोगी सांसद उन्हें सदन के भीतर लेकर गए।
धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा रही। उनके इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी नए नेतृत्व को सौंप दी गई है और सरकार परीक्षा सुधारों को लेकर नई रणनीति पर काम कर रही है।
सदन में तीखी बहस के आसार
लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पेश होने के साथ ही संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष जहां छात्र आंदोलनों, परीक्षा प्रणाली और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सरकार नए कानून को परीक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसका बचाव करेगी।
मानसून सत्र के आगामी दिनों में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक रोकने के उपाय और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।