दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने वाले आरएएफ जवान की हुई पहचान, जांच टीम बना रही रिपोर्ट

दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में पैलेट गन के कथित इस्तेमाल की जांच तेज हो गई है। RAF जवान की पहचान कर ली गई है और CRPF की जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह आने की संभावना है।;

Update: 2026-07-27 06:23 GMT

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल की जांच तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के उस जवान की पहचान कर ली गई है, जिस पर पैलेट गन चलाने का आरोप है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की जांच टीम पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही है और अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।

जांच रिपोर्ट में सामने आएंगे अहम तथ्य

सूत्रों के मुताबिक, जांच दल केवल जवान की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी पता लगाएगा कि पैलेट गन किन परिस्थितियों में चलाई गई और क्या इसका इस्तेमाल निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप था। जांच में यह भी देखा जाएगा कि प्रदर्शन स्थल के किन-किन हिस्सों में बल प्रयोग हुआ और उसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं।

रिपोर्ट में घटनास्थल के वीडियो, फोटो, ड्यूटी रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के बयान भी शामिल किए जा रहे हैं, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके।

घायल प्रदर्शनकारियों के बाद तेज हुई जांच

प्रदर्शन के बाद शुरुआत में प्रशासन ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था। हालांकि, बाद में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो व तस्वीरों के बाद मामले की जांच शुरू की गई। कई छात्रों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान सामने आने के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी।

इसी दौरान विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया और प्रदर्शन के दौरान हुए बल प्रयोग की जवाबदेही तय करने की मांग की।

वायरल वीडियो बने जांच का अहम हिस्सा

अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो और तस्वीरों को भी अपने रिकॉर्ड में शामिल किया है। इन वीडियो में नीली वर्दी पहने RAF के जवान लाठी और हथियारों के साथ दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में जवानों को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करते देखा गया है, जबकि कुछ अन्य फुटेज में प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षाबलों को घेरने और उन पर हमला करने के दृश्य भी सामने आए हैं।

जांच एजेंसियां इन सभी वीडियो की प्रामाणिकता की भी जांच कर रही हैं ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।

SOP के तहत गंभीर स्थिति में ही होता है इस्तेमाल

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, RAF के दंगा-रोधी उपकरणों में 12 बोर पंप-एक्शन पैलेट गन भी शामिल होती है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के मुताबिक इसका इस्तेमाल केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में किया जा सकता है, जब सुरक्षाकर्मियों की जान को तत्काल खतरा हो और अन्य विकल्प प्रभावी न रह जाएं।

अब जांच का मुख्य उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि प्रदर्शन के दौरान ऐसी परिस्थितियां वास्तव में मौजूद थीं या नहीं। CRPF की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई या अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

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