नौकरी जाने के बाद तनाव में थी ममता बनर्जी की भतीजी, बीरभूम के घर में फंदे से लटका मिला शव; पुलिस जांच में जुटी
बीरभूम में ममता बनर्जी के चचेरे भाई की बेटी ब्रिस्टी मुखर्जी का शव घर में मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।;
घर की दूसरी मंजिल पर मिला शव
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, 28 वर्षीय ब्रिस्टी मुखर्जी का शव सुबह करीब 9 बजे कुसुम्बा गांव स्थित उनके आवास की दूसरी मंजिल के एक कमरे में मिला। परिवार की ओर से पुलिस को सूचना दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। मौत के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
नौकरी जाने के बाद तनाव में होने की बात
ब्रिस्टी मुखर्जी का नाम पश्चिम बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती मामले से भी जुड़ा रहा है। बताया जाता है कि मार्च 2023 में उन्होंने बोलपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारी के तौर पर मिली नौकरी गंवा दी थी। राज्य में करीब 26 हजार शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द की गई थीं। इन नियुक्तियों में अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे।
परिवार का अलग दावा: परिवार के मुताबिक ब्रिस्टी ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से नौकरी छोड़ दी थी और उन्होंने केवल एक दिन काम किया था। वहीं, अदालती रिकॉर्ड से जुड़े दावों के अनुसार उनका नाम नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों की सूची में 608वें स्थान पर था। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि नौकरी से जुड़े घटनाक्रम के बाद वह तनाव में थीं।
पिता टीएमसी के स्थानीय नेता
ब्रिस्टी के पिता निहार मुखर्जी, ममता बनर्जी के मामा के बेटे बताए जाते हैं और स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता हैं। हालांकि, पुलिस जांच में अभी यह स्थापित नहीं हुआ है कि नौकरी विवाद या किसी अन्य घटना का उनकी मौत से कोई सीधा संबंध था।
क्या है पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला?
ब्रिस्टी का मामला 2016 में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय चयन परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियों के विवाद की पृष्ठभूमि में सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पैसे के लेन-देन के आरोपों की जांच लंबे समय से चल रही है। इस मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी समेत कई नेताओं और अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।