मछली भोज विवाद में नया मोड़, अजय राय ने सीएम योगी के खिलाफ किया मानहानि का केस
अयोध्या के मछली भोज विवाद में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि केस की प्रक्रिया शुरू की। जानें पूरा विवाद और दोनों पक्षों के आरोप।;
अजय राय ने आरोपों को बताया झूठा
अजय राय का कहना है कि वह शाकाहारी हैं और अयोध्या यात्रा के दौरान उन्होंने किसी मछली भोज में हिस्सा नहीं लिया था। उन्होंने दावा किया कि वह निषाद समाज के निमंत्रण पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद समुदाय की ओर से भोज का आयोजन किया गया था, लेकिन इसमें उनके मछली खाने का आरोप निराधार है।
राय ने पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र लिखकर आरोपों का प्रमाण सार्वजनिक करने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि उनके मछली खाने की कोई प्रमाणित तस्वीर या वीडियो सामने आता है तो वह राजनीति से संन्यास लेने को तैयार हैं।
माफिया के सामने झुकने के आरोप पर भी पलटवार
अजय राय ने माफिया के सामने डरने के आरोप को भी खारिज किया। उन्होंने अपने भाई अवधेश राय की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक उन्होंने न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी और किसी के सामने नहीं झुके। उनका कहना है कि ऐसे आरोप उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं।
क्या है अयोध्या का मछली भोज विवाद?
अजय राय 23 अगस्त को अयोध्या पहुंचे थे। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त और प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश सिंह भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन और हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इसके बाद तारून में आयोजित कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं ने कथित मछली भोज का मुद्दा उठाया।
भाजपा ने सावन के दौरान कथित मछली भोज को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। 24 अगस्त को रायबरेली की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस विवाद को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और अजय राय पर निशाना साधा था।
यूपी में चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
अजय राय के अदालत पहुंचने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के विवादों ने प्रदेश की सियासत को और गरमा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत में अजय राय की याचिका पर आगे क्या कार्रवाई होती है।