पुतिन से मुलाकात के बाद कीव पहुंचे अमेरिकी दूत, जेलेंस्की से वार्ता; युद्ध खत्म होने पर दिया अपडेट

अमेरिकी मध्यस्थता के बीच रविवार को कीव और मास्को में अपेक्षाकृत शांति रही और बड़े हमलों की कोई जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि, काला सागर में यूक्रेन के एक जहाज पर रूस के हमले की खबर ने तनाव पूरी तरह खत्म होने की उम्मीदों को झटका दिया है।;

Update: 2026-09-07 03:43 GMT

कीव/मास्को: Russia Ukraine Peace Talks: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ करीब तीन घंटे की बैठक के बाद अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ और जेरेड कुशनर रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। दोनों ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और उनके वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की। वार्ता को दोनों पक्षों ने सकारात्मक और संतोषजनक बताया है।

पुतिन से तीन घंटे बातचीत के बाद कीव पहुंचे दूत

अमेरिकी दूतों की कीव यात्रा को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद विटकाफ और कुशनर पहली बार यूक्रेन पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने शनिवार रात मास्को में राष्ट्रपति पुतिन से लंबी बातचीत की थी। रूसी राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के मुताबिक, पुतिन और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत सकारात्मक और उपयोगी रही। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि युद्ध के प्रमुख मुद्दों पर रूस के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

जेलेंस्की ने सुरक्षा गारंटी पर दिया जोर

कीव पहुंचने के बाद अमेरिकी दूतों ने राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ दो दौर की बातचीत की। इसके बाद फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक हुई। बातचीत के केंद्र में संभावित शांति समझौता और युद्ध के बाद यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था रही। जेलेंस्की पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यूक्रेन शांति समझौते के साथ भविष्य के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी चाहता है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ ने बैठक के बाद सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि वह बातचीत को लेकर अच्छा महसूस कर रहे हैं।

त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू होने के संकेत

जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद संकेत दिया कि यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता का सिलसिला जल्द दोबारा शुरू हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह लंबे समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। हालांकि, अभी कई बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद कायम हैं। रूस डोनबास क्षेत्र पर अपने दावे और यूक्रेन के नाटो में शामिल नहीं होने की मांग पर कायम है। दूसरी तरफ यूक्रेन अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन चाहता है।

युद्ध के बीच हमलों पर अस्थायी विराम जैसा माहौल

अमेरिकी मध्यस्थता के बीच रविवार को कीव और मास्को में अपेक्षाकृत शांति रही और बड़े हमलों की कोई जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि, काला सागर में यूक्रेन के एक जहाज पर रूस के हमले की खबर ने तनाव पूरी तरह खत्म होने की उम्मीदों को झटका दिया है। पिछले कुछ महीनों में रूस और यूक्रेन दोनों की ओर से हमले तेज रहे हैं। यूक्रेन ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिये रूस के सैन्य और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि रूस ने भी कीव सहित कई यूक्रेनी शहरों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले बढ़ाए।

शांति प्रक्रिया के सामने बड़ी चुनौतियां

करीब साढ़े चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका की कोशिशों में अब तेजी दिखाई दे रही है। हालांकि, किसी संभावित समझौते तक पहुंचने से पहले क्षेत्र, सुरक्षा गारंटी, नाटो और युद्ध के भविष्य को लेकर कई कठिन सवालों का समाधान जरूरी होगा। मास्को और कीव के बीच सीधी सहमति अभी दूर दिखाई देती है, लेकिन पुतिन, अमेरिकी दूतों और जेलेंस्की के बीच लगातार हो रही बातचीत से कूटनीतिक रास्ता खुलने की उम्मीद जरूर बढ़ी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इन बैठकों के बाद तीनों देशों के बीच औपचारिक शांति वार्ता दोबारा शुरू हो पाती है।

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