जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर 7 पर हंगामा, पुलिस और छात्रों के बीच झड़प; ऑनलाइन हुईं कक्षाएं
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर प्रदर्शन तेज। गेट नंबर 7 पर पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जबकि प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाओं और पुस्तकालय बंद रखने का फैसला लिया।;
विश्वविद्यालय परिसर में 12 अक्टूबर से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे हैं और कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील किए जाने के बावजूद आंदोलन थमा नहीं है।
गेट नंबर 7 पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
रविवार शाम को प्रदर्शन स्थल के नजदीक गेट नंबर 7 पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की होने की खबर सामने आई। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचीं तीन बाहरी लड़कियों और एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया।
हालांकि, पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने हिरासत में लिए जाने के दावे से इनकार किया है। ऐसे में इस संबंध में आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। घटना के बाद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।
ऑनलाइन कक्षाओं के फैसले पर छात्रों ने उठाए सवाल
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने सभी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करने और परिसर में आने से बचने की सलाह दी है। अगले आदेश तक पुस्तकालय भी बंद रहेंगे।
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि ऑनलाइन कक्षाओं का फैसला आंदोलन को कमजोर करने और परिसर खाली कराने की कोशिश है। हालांकि, प्रशासन ने अपने फैसले के पीछे सुरक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों को निर्बाध रखने का तर्क दिया है।
छात्रसंघ चुनाव की मांग पर अड़े विद्यार्थी
प्रदर्शनकारी छात्र गालिब प्रतिमा लॉन के पास धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन प्रदर्शन स्थल को हटाने की कोशिश कर रहा है। छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिल सके।
18 अक्टूबर को विश्वविद्यालय के सात प्रोफेसरों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई थी। समिति छात्रों के साथ बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रही थी। हालांकि, अब तक आंदोलन समाप्त कराने पर सहमति नहीं बन पाई है।
फिलहाल, जामिया परिसर में छात्रसंघ चुनाव को लेकर गतिरोध बना हुआ है। अब निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हैं। बातचीत के जरिए समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज होता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।