हैदराबाद में भगवान राम की मूर्ति हटाने पर सियासी बवाल, भाजपा बोली- यूपी जैसा होगा कांग्रेस का हाल

हैदराबाद के बशीरबाग चौराहे से भगवान राम की मूर्ति हटाने पर विवाद बढ़ा। भाजपा और VHP ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, जबकि प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों के नियमों का हवाला दिया।;

Update: 2026-10-25 06:33 GMT
हैदराबाद। हैदराबाद में भगवान राम की मूर्ति हटाए जाने के बाद तेलंगाना की राजनीति में विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर हिंदू विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विरुद्ध मूर्तियां स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (VHP) समेत कई हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है।

मामला हैदराबाद के बशीरबाग इलाके का है, जहां दशहरे से पहले कुछ हिंदू संगठनों ने चौराहे पर भगवान राम की मूर्ति स्थापित की थी। दशहरा कार्यक्रम संपन्न होने के बाद संगठनों ने मूर्ति को उसी स्थान पर बनाए रखने और चौराहे का नाम बदलकर श्रीराम चौक करने की मांग उठाई। प्रशासन को इसकी जानकारी मिलने के बाद संबंधित ट्रस्ट को मूर्ति हटाने का आदेश दिया गया। इसके बाद मूर्ति हटाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा।

प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का दिया हवाला

मूर्ति हटाने के फैसले का विरोध कर रहे संगठनों के बीच नगर प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का हवाला दिया। प्रशासन के मुताबिक, सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जगहों पर बिना अनुमति मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकतीं।

प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर धार्मिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हिंदू संगठनों का कहना है कि दशहरे के अवसर पर स्थापित की गई भगवान राम की मूर्ति को वहीं रहने दिया जाना चाहिए था। वहीं, प्रशासन की दलील है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह के निर्माण या स्थापना के लिए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मूर्ति हटाए जाने पर कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को इस फैसले के कारण जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक पतन का जिक्र करते हुए कहा कि तेलंगाना में भी पार्टी को इसी तरह के परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

भाजपा के तेलंगाना सोशल मीडिया हैंडल से भी इस कार्रवाई की आलोचना की गई। पार्टी ने इसे हिंदू भावनाओं का अपमान बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई आधिकारिक बयान शामिल नहीं है।

विहिप ने 108 फुट ऊंची प्रतिमा लगाने की बात कही

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने कहा कि भविष्य में मंदिर में भगवान राम की 108 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने हैदराबाद और तेलंगाना के अन्य शहरों में पुराने नाम बहाल करने की मांग का भी जिक्र किया।

भाजपा और VHP सहित कई संगठन लंबे समय से बशीरबाग चौराहे का नाम बदलकर श्रीराम चौक करने की मांग कर रहे हैं। अब मूर्ति हटाए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इस विवाद का तेलंगाना की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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