NEET सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- UPSC जैसा मजबूत बनाएं परीक्षा तंत्र

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कागज पर कोई भी प्रक्रिया बेहद मजबूत दिखाई दे सकती है, लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि एक परीक्षा के बाद अगली परीक्षा तक उसी व्यवस्था में पुरानी कमजोरियां वापस न आएं। अदालत का जोर लगातार निगरानी, तकनीकी सुधार और जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत करने पर रहा।;

Update: 2026-08-19 09:33 GMT

नई दिल्ली: NEET परीक्षा की सुरक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि NEET की मौजूदा परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें सेंध लगाना बेहद मुश्किल है। सरकार के मुताबिक प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में कई स्तर की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था लागू है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने NTA को परीक्षा प्रणाली में लगातार सुधार करते रहने की सलाह दी। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए UPSC की तरह मजबूत और भरोसेमंद सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। इसके लिए नई तकनीक की समझ रखने वाले अधिकारियों को व्यवस्था में शामिल करने और अनुभवी अधिकारियों के बार-बार तबादले से बचने की जरूरत बताई गई।

व्यवस्था की कमजोरियां दोबारा नहीं लौटनी चाहिए’

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य संगठनों की याचिकाओं पर सुनवाई की। इन याचिकाओं में NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एजेंसी में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कागज पर कोई भी प्रक्रिया बेहद मजबूत दिखाई दे सकती है, लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि एक परीक्षा के बाद अगली परीक्षा तक उसी व्यवस्था में पुरानी कमजोरियां वापस न आएं। अदालत का जोर लगातार निगरानी, तकनीकी सुधार और जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत करने पर रहा।

केंद्र ने बताई प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने NEET प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था के कई स्तरों की जानकारी अदालत को दी। सरकार के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर छात्रों तक पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया में अलग-अलग स्तरों पर सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं।

कई विशेषज्ञ तैयार करते हैं प्रश्न बैंक

सरकार के मुताबिक अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ प्रश्न बैंक तैयार करते हैं। इसके बाद प्रश्नों के अलग-अलग सेट तैयार किए जाते हैं। अंतिम प्रश्नपत्र का चयन सीमित स्तर पर किया जाता है, ताकि परीक्षा से पहले किसी एक व्यक्ति को पूरे पेपर की जानकारी न हो। प्रश्न बैंक को कई भाषाओं में तैयार किया जाता है और अनुवाद का काम विशेषज्ञों की निगरानी में कराया जाता है। इससे विभिन्न भाषाओं में परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए प्रश्नपत्र तैयार किए जाते हैं।

सुरक्षित प्रिंटिंग और निगरानी

केंद्र ने बताया कि प्रश्नपत्र तय प्रिंटिंग प्रेस में सुरक्षा व्यवस्था के बीच छपते हैं। प्रिंटिंग प्रक्रिया में CCTV निगरानी और सुरक्षा बलों की व्यवस्था रहती है। इसके बाद प्रश्नपत्रों को सीलबंद कंटेनरों में रखा जाता है। प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से खोलने के लिए डिजिटल चाबी और अलग कोड की व्यवस्था होने की बात भी केंद्र ने कही। सरकार के अनुसार बॉक्स को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे निर्धारित प्रक्रिया के बिना खोला नहीं जा सके।

अलग-अलग पैकेट और पहचान व्यवस्था

परीक्षा के प्रश्नपत्र अलग-अलग क्रम में तैयार किए जाते हैं। पैकेट पर संबंधित केंद्र, शहर और अन्य पहचान संबंधी विवरण दर्ज होते हैं। प्रश्नपत्रों को अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रखा जाता है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी किए जाने का भी दावा केंद्र ने किया।

GPS से ट्रैक होती है पेपर की आवाजाही

केंद्र के अनुसार बैंक से परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र पहुंचाने वाली गाड़ियों में GPS की व्यवस्था रहती है। उनकी आवाजाही पर नजर रखी जाती है और पुलिस सुरक्षा के बीच प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाते हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित बॉक्स खोला जाता है। इस दौरान छात्रों की मौजूदगी और वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान बताया गया।

24 छात्रों के लिए अलग पैकेट

सरकार ने बताया कि प्रत्येक कक्षा में 24 छात्रों के लिए अलग प्रश्नपत्र पैकेट की व्यवस्था होती है। परीक्षा केंद्र पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ये पैकेट छात्रों तक पहुंचाए जाते हैं और उन्हें छात्रों की मौजूदगी में खोला जाता है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में केंद्र की ओर से सुरक्षा के इन इंतजामों की जानकारी दिए जाने के बावजूद अदालत ने परीक्षा प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप लगातार मजबूत करने पर जोर दिया। अब मामले में आगे की सुनवाई के दौरान NTA की व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी को लेकर और दिशा-निर्देश सामने आ सकते हैं।

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