कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने दिलाया रजत पदक, मुक्केबाजी में भारत के तीन और मेडल पक्के

CWG 2026 में भारत को हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह ने रजत पदक दिलाया। मुक्केबाजी में तीन भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किए। जानें भारत का ताजा पदक प्रदर्शन।;

Update: 2026-07-29 04:56 GMT

ग्लास्गो।ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। महिला भारोत्तोलन में हरजिंदर कौर और पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में गुलवीर सिंह ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। वहीं भारतीय मुक्केबाजों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है, जिससे भारत के तीन और पदक पक्के हो गए हैं। इन उपलब्धियों के साथ भारत की पदक संख्या लगातार बढ़ रही है और भारतीय दल शीर्ष देशों की सूची में अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा है।

हरजिंदर कौर ने वेटलिफ्टिंग में जीता रजत

महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में हरजिंदर कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 227 किलोग्राम (101 किग्रा स्नैच + 126 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। स्नैच राउंड में उन्होंने क्रमशः 96, 99 और 101 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में भी उन्होंने 120, 123 और 126 किलोग्राम का सफल प्रयास किया।

कुछ समय तक हरजिंदर स्वर्ण पदक की दौड़ में सबसे आगे थीं, लेकिन कनाडा की चार्लोट सिमोनियू ने कुल 240 किलोग्राम (108+132) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीत लिया। हरजिंदर का यह प्रदर्शन उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए यह वेटलिफ्टिंग का सातवां पदक भी है।

गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास

एथलेटिक्स में भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक रजत पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।

लगातार बारिश और फिसलन भरे ट्रैक के बावजूद गुलवीर ने धैर्य, फिटनेस और बेहतरीन रणनीति का परिचय दिया। अंतिम चरण में उन्होंने शानदार गति पकड़ी और दूसरे स्थान पर फिनिश कर भारत के लिए एक और यादगार उपलब्धि दर्ज की।

मुक्केबाजी में तीन पदक हुए सुनिश्चित

भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले मुक्केबाजों का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाता है। ऐसे में भारत के खाते में तीन और पदक लगभग तय हो चुके हैं। अब भारतीय मुक्केबाजों की नजर फाइनल में पहुंचकर स्वर्ण जीतने पर होगी।

भारत की पदक तालिका में मजबूत स्थिति

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन तक भारत के खाते में 2 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 14 पदक हो चुके हैं। वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी और पैरा स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। आने वाले दिनों में कई और स्पर्धाओं में भारत से पदकों की उम्मीद बनी हुई है।

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