रामनाथ कोविंद की शुभकामनाओं पर पीएम मोदी बोले, लोगों की गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना उनका उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से दी गई शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया। पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय की गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना उनका निरंतर प्रयास रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक समाज की मुख्यधारा से दूर रहे।;
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से दी गई शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया। पीएम मोदी ने कहा कि हर भारतीय की गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना उनका निरंतर प्रयास रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक समाज की मुख्यधारा से दूर रहे।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आर्टिकल पोस्ट किया था। इसके जवाब में पीएम मोदी ने लिखा, “आपकी गर्मजोशी भरी शुभकामनाओं और विचारपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद, रामनाथ कोविंद जी।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हर भारतीय की गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों का उल्लेख किया, जो लंबे समय से समाज के हाशिये पर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “हमारा सामूहिक संकल्प एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में और अधिक समर्पण के साथ काम करते रहने का है।”
इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित सरकार की कमान संभालने से लेकर 2014 से प्रधानमंत्री कार्यालय तक, 25 वर्षों से अधिक समय से नरेंद्र मोदी ने लगातार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को आगे बढ़ाया है।
कोविंद ने अपने संदेश में समावेशिता को इस दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए लिखा, “जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी ने पूजा।” उन्होंने कहा कि हाशिये पर रहे लोगों को मुख्यधारा में लाना प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण विषय रहा है।
पूर्व राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा में निरंतर शक्ति की कामना की।