नई दिल्ली : India vs Afghanistan T20: अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेली जा रही टी20 सीरीज पर कब्जा कर चुकी भारतीय टीम अब गुरुवार को तीसरे और आखिरी मुकाबले में उतरेगी। शुरुआती दोनों मैचों में एकतरफा जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया की नजरें सीरीज में क्लीन स्वीप पर हैं। हालांकि, सीरीज का परिणाम पहले ही तय हो चुका है, ऐसे में भारतीय टीम प्रबंधन के सामने बेंच स्ट्रेंथ को परखने और एशियाई खेलों से पहले खिलाड़ियों को मैच अभ्यास देने का भी मौका है। इसी वजह से अंतिम मुकाबले में प्लेइंग-11 में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं और 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने की चर्चा है।
सूर्यवंशी के लिए कैसे बनेगी जगह?
वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। मौजूदा टीम में उनके लिए जगह बनाना हालांकि आसान नहीं है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा दोनों अच्छी लय में हैं और टीम के नियमित बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल करने के लिए इशान किशन को आराम देने का विकल्प देखा जा सकता है। किशन इस सीरीज से पहले दलीप ट्रॉफी में पूर्व क्षेत्र की कप्तानी कर चुके हैं। मौजूदा सीरीज में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन संभाल रहे हैं। इसलिए टीम प्रबंधन के पास खिलाड़ियों के कार्यभार और मैच अभ्यास को देखते हुए संयोजन में बदलाव करने की गुंजाइश है।
अय्यर-तिलक को भी मिल सकता है ज्यादा समय
पहले दो मुकाबलों में भारत के शीर्ष क्रम ने इतनी तेजी से रन बनाए कि मध्यक्रम के बल्लेबाजों को क्रीज पर ज्यादा समय नहीं मिल सका। कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा के लिए तीसरा मैच बल्लेबाजी अभ्यास का अच्छा अवसर हो सकता है। नीतीश रेड्डी और शिवम दुबे भी अभी तक सीरीज में बल्लेबाजी करने के लिए ज्यादा समय नहीं पा सके हैं। टीम प्रबंधन इन खिलाड़ियों को भी मौका देना चाहेगा, ताकि एशियाई खेलों से पहले टीम के पास अधिक खिलाड़ियों की मैच फिटनेस और लय का आकलन हो सके।
नीतीश रेड्डी की भूमिका पर नजर
चोट से वापसी के बाद नीतीश रेड्डी का गेंद से प्रदर्शन टीम के लिए सकारात्मक संकेत रहा है। उन्हें भविष्य में हार्दिक पांड्या के बैकअप विकल्प के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में टीम प्रबंधन के लिए उनका प्रदर्शन और उनकी फिटनेस महत्वपूर्ण है। दूसरे टी20 में चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह खेलने वाले रवि बिश्नोई ने भी प्रभाव छोड़ा। ऐसे में उन्हें तीसरे मुकाबले में एक और अवसर मिलने की संभावना है। वहीं जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की नई गेंद की जोड़ी ने शुरुआती दोनों मैचों में प्रभावशाली गेंदबाजी की है।
अय्यर ने बदलाव के दिए थे संकेत
दूसरे मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी अंतिम मुकाबले में टीम संयोजन में बदलाव के संकेत दिए थे। उनका कहना था कि एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच अभ्यास देना जरूरी है। सीरीज पहले ही भारत के नाम हो चुकी है, इसलिए टीम प्रबंधन के पास प्रयोग करने का अपेक्षाकृत बेहतर अवसर है। हालांकि, प्लेइंग-11 में कितने बदलाव होंगे और सूर्यवंशी को अंतिम रूप से मौका मिलेगा या नहीं, इसका फैसला मैच से पहले ही स्पष्ट होगा।
अफगानिस्तान के सामने बल्लेबाजी सुधारने की चुनौती
दूसरी तरफ अफगानिस्तान के लिए तीसरे टी20 में सबसे बड़ी चुनौती बल्लेबाजी में सुधार की होगी। टीम को भारतीय तेज गेंदबाजों के शुरुआती दबाव से निकलकर पारी को मजबूत आधार देना होगा। जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी गेंदबाजों के सामने पावरप्ले में विकेट बचाना अफगानिस्तान के लिए अहम होगा। कप्तान इब्राहिम जादरान भी मान चुके हैं कि टीम को 150-160 रन के स्कोर से आगे बढ़कर 200 से ज्यादा रन बनाने की मानसिकता के साथ बल्लेबाजी करनी होगी। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की मजबूत टीमों को चुनौती देने के लिए बड़े स्कोर की दिशा में सकारात्मक इरादे से खेलना जरूरी है।
क्लीन स्वीप या अफगानिस्तान की वापसी?
भारत जहां सीरीज का अंत जीत के साथ करना चाहेगा, वहीं अफगानिस्तान के पास अंतिम मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी और टीम संयोजन में सुधार दिखाने का मौका होगा। भारतीय टीम के लिए यह मैच परिणाम से ज्यादा खिलाड़ियों को आजमाने और आगामी एशियाई खेलों के लिए विकल्प तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।