कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: बिहार के झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में जीता कांस्य, देश का बढ़ाया मान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन के बाद पूरे देश में खुशी की लहर।;
नई दिल्ली। भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से एक और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को गर्व का अवसर दिया है। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद झंडू कुमार ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर विश्व मंच पर भारत का परचम लहराया।
रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन
ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग 131.0 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे झंडू कुमार ने 130.9 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीत लिया। स्वर्ण और रजत से बेहद मामूली अंतर से चूकने के बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय दल के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
संघर्षों से निकलकर बनाई सफलता की राह
झंडू कुमार की सफलता उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने साबित किया कि मजबूत इरादे और लगातार मेहनत किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। उनकी इस उपलब्धि ने दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी एक नई उम्मीद जगाई है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।
गांव और परिवार में जश्न का माहौल
झंडू कुमार के कांस्य पदक जीतते ही उनके पैतृक गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उनके परिवार को बधाई देना शुरू कर दिया। उनके पिता रामानंद पासवान ने बताया कि पूरा परिवार रातभर जागकर मोबाइल पर मुकाबला देखता रहा। जैसे ही झंडू ने पदक जीता, घर में जश्न शुरू हो गया। उनकी माता कमला देवी ने कहा कि उन्होंने हमेशा बेटे को देश का नाम रोशन करने का आशीर्वाद दिया था और आज उनका सपना पूरा हो गया।
सरकारी सहायता नहीं मिलने का दर्द भी छलका
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच परिवार ने सरकारी सहयोग की कमी का मुद्दा भी उठाया। झंडू के पिता ने कहा कि बेटे की तैयारी के दौरान उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या सरकारी समर्थन नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि आवास जैसी बुनियादी सरकारी योजनाओं का लाभ भी परिवार को अब तक नहीं मिल सका। इसके बावजूद परिवार ने अपने स्तर पर हर संभव सहयोग देकर झंडू को इस मुकाम तक पहुंचाया।
खेल जगत ने दी शुभकामनाएं
झंडू कुमार की सफलता पर बिहार और देशभर के खेल संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन, बिहार पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन और कई खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई कि झंडू आने वाले वर्षों में भारत के लिए और बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक जीतेंगे तथा विश्व मंच पर तिरंगा बुलंद करेंगे।