कंगना रनौत के बयान पर बाबा रामदेव का पलटवार, बोले- ‘ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता’

कंगना रनौत के Gen-Z को लेकर दिए बयान पर बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया था। अब रामदेव ने कहा कि वह इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।;

Update: 2026-08-23 11:15 GMT

नई दिल्ली। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के जेन-जी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शुरू हुआ सियासी और सार्वजनिक विवाद अब एक बार फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव ने कंगना के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। उन्होंने कहा कि देश उनके काम और योगदान को जानता है, इसलिए वह ऐसे विवादों में पड़ने से बचना चाहते हैं।

दरअसल, विवाद की शुरुआत कंगना रनौत की जेन-जी को लेकर की गई टिप्पणी से हुई थी। कंगना ने नई पीढ़ी पर टिप्पणी करते हुए उसे ‘गटर जेनरेशन’ कह दिया था। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। बाबा रामदेव ने भी कंगना की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा था कि किसी पूरे युवा वर्ग के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

‘युवाओं को गटर कहना गलत बात है’

बाबा रामदेव ने पहले कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि युवाओं को इस तरह संबोधित करना गलत है। उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की बड़ी ताकत है और उसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

रामदेव के मुताबिक, युवाओं में कुछ नकारात्मक प्रवृत्तियां हो सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी पीढ़ी को एक ही नजर से देखा जाए। उन्होंने कंगना की टिप्पणी को मानसिकता से जुड़ा विषय बताते हुए कहा था कि ऐसे बयान से बचना चाहिए।

कंगना ने इंस्टाग्राम पर किया था पलटवार

रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया था। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए रामदेव की बातों पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्हें उनके चरित्र को लेकर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

कंगना ने अपने जवाब में रामदेव से जुड़े पुराने विवादों का भी जिक्र किया और कहा कि केवल अफवाहों अथवा चर्चाओं के आधार पर किसी के चरित्र का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने ऊपर टिप्पणी किए जाने को लेकर कड़ा रुख अपनाया।

‘विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहता’

अब पत्रकारों से बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के जवाब पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस विवाद को आगे बढ़ाना नहीं चाहते। रामदेव ने कहा कि वह अपने काम और योगदान के बारे में देश के सामने जवाबदेह हैं और इसलिए व्यक्तिगत विवादों पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते।

उन्होंने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को यहीं खत्म करना चाहते हैं। रामदेव ने यह भी कहा कि युवाओं को लेकर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए और किसी भी वर्ग के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

जेन-जी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सोशल मीडिया से आगे बढ़कर सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है। हालांकि, रामदेव की ताजा टिप्पणी से संकेत मिलता है कि वह इस मुद्दे को आगे राजनीतिक या व्यक्तिगत विवाद में बदलने के पक्ष में नहीं हैं।

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