दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में अन्ना हजारे का दो घंटे का मौन प्रदर्शन, भावुक होकर सरकार से संवाद की अपील
दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में अन्ना हजारे ने अहिल्यानगर के वाडिया पार्क में दो घंटे का मौन प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।;
मौन सत्याग्रह के दौरान जब अन्ना हजारे छात्रों की समस्याओं और उनके भविष्य का जिक्र कर रहे थे, तब वे भावुक हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनका समाधान निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
संवाद ही लोकतंत्र का सबसे मजबूत रास्ता
अन्ना हजारे ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके मन में यदि किसी व्यवस्था को लेकर सवाल या असंतोष है, तो सरकार को उससे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में संवाद हमेशा टकराव से बेहतर विकल्प होता है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उनका मानना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी को भी लिखा था पत्र
इससे एक दिन पहले अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भी अपनी चिंता व्यक्त की थी। पत्र में उन्होंने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को दुखद बताया था।
उन्होंने लिखा था कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए। अन्ना ने यह भी कहा कि यदि किसी मंत्री की जवाबदेही तय होती है और उससे इस्तीफा लिया जाता है, तो इससे सरकार कमजोर नहीं होती, बल्कि शासन व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता का संदेश जाता है।
शांतिपूर्ण समाधान की अपीलअपने मौन प्रदर्शन के समापन पर अन्ना हजारे ने एक बार फिर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान केवल बातचीत और आपसी विश्वास से ही संभव है।
अन्ना के इस मौन आंदोलन को स्थानीय लोगों और उनके समर्थकों का भी समर्थन मिला। कई सामाजिक कार्यकर्ता भी वाडिया पार्क पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन में शामिल हुए।
छात्र आंदोलन को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में अन्ना हजारे का यह मौन सत्याग्रह भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।