कोरोना के मरीजों के स्वस्थ होने की दर में लगातार इजाफा
देश में लॉकडाउन से पहले कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ संक्रमण मामलों की मृत्यु दर 3.2 प्रतिशत थी जो पिछले हफ्ते घटकर 2.1 प्रतिशत रह गई है और संक्रमितों के दुगुना होने की दर 3.4 दिनों से बढ़कर 12.9 दिन हो गई
नयी दिल्ली। देश में लॉकडाउन से पहले कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ संक्रमण मामलों की मृत्यु दर 3.2 प्रतिशत थी जो पिछले हफ्ते घटकर 2.1 प्रतिशत रह गई है और संक्रमितों के दुगुना होने की दर 3.4 दिनों से बढ़कर 12.9 दिन हो गई है। इस दौरान एक सकारात्मक बात यह भी रही है कि मरीजों के ठीक होने की दर में लगातार इजाफा हो रहा है और यह दर 34.06 प्रतिशत हो चुकी है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को निर्माण भवन में मंत्री समूह की 15वीं उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें यह जानकारी दी गई। इस दौरान देश में कोरोना वायरस के मामलों और इससे निपटने की देश की तैयारियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसमें नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, विदेश के मंत्री डॉ एस जयशंकर, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, जहाजरानी और उर्वरक मामलों के राज्य मंत्री मनसुख लाल मांडविया, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत भी मौजूद थे।
मंत्री समूह को विश्व और देश में कोरोना की मौजूदा स्थिति के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया जिसमें बताया गया कि विश्व में कोरोना के 42,48,389 पाजिटिव मामले हैं और इससे 2,94,046 लोगों की मौत हुई है तथा विश्व स्तर पर मृत्यु दर 6.92 प्रतिशत है। भारत में कोरोना पाजिटिव मामले 81,970 हैं और अब तक 2,649 लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हो चुकी है। देश में अभी तक 27,920 लोग कोरोना वायरस से मुक्त हो चुके हैं और रिकवरी दर बढ़कर 34.06 प्रतिशत हो गई है।
मंत्री समूह ने कोरेाना से निपटने के लिए देश में अपनाई जा रही कंटेनमेंट रणनीति और केसों के प्रबंधन पर गहराई से विचार विमर्श किया और यह जानकारी भी दी गई कि देश के कुल कोरोना मरीजों का 79 प्रतिशत भार 30 नगर निगम क्षेत्रों से हैं। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि जिन राज्यों में कोरोना के अधिक मामले और मृत्यु दर देखी जा रही है, उनके प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिए जाने की सख्त जरूरत है। इसके अलावा समय रहते संक्रमण की जांच और ऐसे लोगों के संपर्क सूत्रों का पता लगाने(कांटेक्ट ट्रेसिंग) पर भी जोर दिया जाना चाहिए। इसके अलावा विभिन्न देशों से आने वाले लोगों और विभिन्न राज्यों से लौट रहे श्रमिक प्रवासियों की चुनौतियों पर विचार विमर्श किया गया।
मंत्री समूह को देश में कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने के लिए स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में की जा रही बढ़ोत्तरी से भी अवगत कराया गया। देश में इस समय 8,694 स्वास्थ्य सुविधाओं समेत 919 कोविड अस्पताल है। इसके अलावा 2,036 कोविड हेल्थ सेंटर और 5,739 कोविड केयर सेंटर हैं जिनमें अति गंभीर केसों के लिए 2,77,429 बिस्तर, 29,701 आईसीयू और 5,15,250 आइसोलेशन बिस्तर हैं। देश में आज तक 18,855 वेंटीलेटर हैं और केन्द्र सरकार ने 84.22 लाख एन 95 मॉस्क तथा 47.98 पीपीई को विभिन्न राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों और केन्द्रीय संस्थानों को वितरित किया है।
मंत्री समूह को यह जानकारी भी दी गई कि देश में इस समय रोजाना तीन लाख पीपीई प्रतिदिन बनाने की क्षमता हासिल की जा चुकी है और तीन लाख एन 95 मॉस्क बनाए जा रहे हैं जो निकट भविष्य में देश की जरूरतों के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा देश में घरेलू स्तर पर वेंटीलेटर का निर्माण शुरू हो चुका है और आर्डर भी दिए जा चुके हैं।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने मंत्री समूह को जानकारी दी कि देश में प्रतिदिन एक लाख कोराना परीक्षण प्रतिदिन की क्षमता हासिल की जा चुकी है और इस काम में सरकारी और निजी क्षेत्र की 509 प्रयोगशालाएं जुटी हैं। देश में अभी तक कोरेाना के 20 लाख टेस्ट हो चुके हैं।
इसके अलावा विदेश से एक उच्च गुणवत्ता युक्त कोबास 6800 मशीन को नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल(एनसीडीसी) में लगा दिया गया है। यह मशीन पूरी तरह ऑटोमेटिक है और 24 घंटे में 1200 टेस्ट करने में सक्षम है। देश में कोरोना जांच की किट पर्याप्त मात्रा में है और राज्यों तथा संघ शासित प्रदेश में आईसीएमआर के 15 डिपों में वितरित की जा रही है।
बैठक में जानकारी दी गई कि विदेश मंत्रालय विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए नागर विमानन मंत्रालय की सहायता से इस काम को बखूबी अंजाम दे रहा है और इसमें राज्य सरकारों का भी सहयोग लिया जा रहा है। पहले चरण तक लगभग 12 हजार भारतीयो को पहले ही स्वदेश लाया जा चुका है और इन्हें इनके संबंधित राज्यों में होम क्वारंटीन में रखा जा रहा है। इस अभियान में पूरी मानक प्रकियाओं का पालन किया जा रहा है।
इस बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय की सचिव प्रीति सूदन,राजेश भूषण, ओएसडी स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय,प्रदीप सिंह खरोला, सचिव ,नागर विमानन मंत्रालय, अनूप वधावन , सचिव , वाणिज्य, प्रोफेसर बलराम भार्गव, डीजी - आईसीएमआर, आनंद स्वरूप, महानिदेशक, आईटीबीपी, दम्मू रवि, अतिरिक्त सचिव , विदेश मंत्रालय, अनिल मलिक अतिरिक्त सचिव , गृह मंत्रालय , डॉ सीएस मोहापात्रा, अतिरिक्त सचिव , आर्थिक मामले, लव अग्रवाल , संयुक्त सचिव , स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।