एनसीआर में बढ़ा तापमान, हवा हुई ज़हरीली

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक बार फिर मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है

Update: 2026-02-05 05:40 GMT

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फिर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में

  • कोहरा और धुंध के बीच AQI 300 पार, चिंता बढ़ी
  • ठंड कम, गर्मी बढ़ी… लेकिन सांस लेना मुश्किल
  • एनसीआर में मौसम बदला, प्रदूषण ने सेहत पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक बार फिर मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। फरवरी के पहले सप्ताह में ठंड के असर में कमी आने लगी है और अधिकतम व न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और इजाफा देखने को मिलेगा। हालांकि तापमान बढ़ने के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने भी चिंता बढ़ा दी है। एनसीआर के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार 5 फरवरी से 10 फरवरी तक एनसीआर में मौसम शुष्क बना रहेगा और सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। 5 फरवरी को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जाएगा। 6 और 7 फरवरी को न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के आसपास रहेगा, वहीं 8, 9 और 10 फरवरी को अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

इन दिनों आर्द्रता 90 से 100 प्रतिशत तक बनी रहने के कारण सुबह के समय शैलो फॉग और मॉडरेट फॉग की स्थिति देखने को मिल रही है। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। दूसरी ओर, एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।

दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया गया। आनंद विहार में एक्यूआई 327, अशोक विहार 315, बवाना 307, आर.के. पुरम 309, रोहिणी 317, वजीरपुर 319 और विवेक विहार में एक्यूआई 343 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। पुसा क्षेत्र में डीपीसीसी स्टेशन पर एक्यूआई 332 जबकि आईएमडी स्टेशन पर 219 रिकॉर्ड किया गया। नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।

गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक्यूआई 342, वसुंधरा में 329 और इंदिरापुरम में 326 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 310, सेक्टर-1 में 289 और सेक्टर-116 में 282 रहा। कुछ क्षेत्रों में एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया, लेकिन अधिकांश इलाके बेहद खराब श्रेणी में बने हुए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार तापमान बढ़ने और हवा की रफ्तार कम रहने से प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। एनसीआर में मौसम भले ही धीरे-धीरे गर्माहट की ओर बढ़ रहा हो, लेकिन बढ़ता वायु प्रदूषण आम लोगों की सेहत के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।

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