ललित सुरजन की कलम से साथ-साथ चुनाव करवाने का विचार
लोकसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। वह अगले आम चुनाव में भी अपनी दुबारा विजय के प्रति खासी आश्वस्त है।;
'लोकसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। वह अगले आम चुनाव में भी अपनी दुबारा विजय के प्रति खासी आश्वस्त है। अपनी तीन साल की उपलब्धि के बल पर वह मध्यावधि चुनाव में जाने का फैसला करे तो पार्टी के अपने आकलन के अनुसार उसकी जीत में कोई संदेह नहीं है। ऐसे में यदि उत्तरप्रदेश, पंजाब व गुजरात के साथ तीन अन्य बड़े प्रदेशों में तथा गोवा, उत्तराखंड व हिमाचल इन तीन लघु प्रदेशों में विधानसभा चुनाव करवाए जाएं तो पूरे न सही आधे प्रदेशों में तो चुनाव हो ही जाएंगे। इसमें भारतीय जनता पार्टी झारखंड, हरियाणा, आंध्र, असम, अरुणाचल व नगालैण्ड को भी शायद शामिल कर सकती है जहां भाजपा या उसके समर्थक दल की सरकार है। उसके बाद सिर्फ वे प्रदेश बच जाते हैं जहां कांग्रेस या अन्य विरोधी दलों की सरकारें हैं। उन्हें समय पूर्व चुनाव कराने के लिए सहमत कर पाना शायद कठिन होगा।'
(देशबन्धु में 23 जून 2016 को प्रकाशित)
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