ललित सुरजन की कलम से - चम्पारण सत्याग्रह पर तीन किताबें
'अरविंद मोहन की दो पुस्तकें- चम्पारण: सत्याग्रह की कहानी तथा चम्पारण: सत्याग्रह के सहयोगी का प्रकाशन सस्ता साहित्य मंडल ने किया है;
'अरविंद मोहन की दो पुस्तकें- चम्पारण: सत्याग्रह की कहानी तथा चम्पारण: सत्याग्रह के सहयोगी का प्रकाशन सस्ता साहित्य मंडल ने किया है, जबकि प्रयोग चम्पारण भारतीय ज्ञानपीठ से आई है। हम जानते हैं कि महात्मा गांधी द्वारा और उन पर लिखी गई पुस्तकों की संख्या सैकड़ों में नहीं, बल्कि हजारों में है। अरविंद मोहन की पुस्तकें पढऩे के बाद मैं कह सकता हूं कि उन्होंने इस खजाने को बढ़ाने में बहुमूल्य योगदान किया है। दूसरी ओर हिंदी भाषा की भी सेवा उन्होंने सुंदर रूप में की है, जिसके लिए वे हमारी बधाई के हकदार बनते हैं। चंपारण : सत्याग्रह के सहयोगी की चर्चा मैं पहले करना चाहता हूं। इसलिए कि यह किताब हमें सत्याग्रह के कुछ लगभग अनछुए पहलुओं से अवगत कराती है। जैसा कि शीर्षक से ध्वनित होता है, यह पुस्तक उन व्यक्तियों पर केंद्रित है जो चम्पारण सत्याग्रह में बापू के सहयोगी बने।'
(अक्षर पर्व अक्टूबर 2017 अंक की प्रस्तावना )
https://lalitsurjan.blogspot.com/2017/11/blog-post_3.html