ललित सुरजन की कलम से राजनीति विहीन समाज असंभव कल्पना

'मुझे अपने पाठकों को यह बताने की शायद आवश्यकता नहीं है कि मैं पंडित नेहरू की नीतियों का अनन्य समर्थक हूं।;

By :  DB Desk
Update: 2026-06-01 22:00 GMT

'मुझे अपने पाठकों को यह बताने की शायद आवश्यकता नहीं है कि मैं पंडित नेहरू की नीतियों का अनन्य समर्थक हूं। मेरा मानना है कि आज यदि हम एक जनतांत्रिक देश होने का दावा कर पाते हैं तो यह नेहरू और सिर्फ नेहरू की देन है। इसके लिए उन्हें अपने जीवनकाल में कांग्रेस के रूढ़िवादी तबके का कितना विरोध झेलना पड़ा यह सब इतिहास में दर्ज है। बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि नेहरू की नीतियों पर बात करना उनके वंशजों की राजनीति का समर्थन करना है। यह भ्रम बहुत सोच-समझ कर फैलाया गया है। आप यदि मेरे लिखे को ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के पक्ष में जब मैंने लिखा है तो वह तर्कों और तथ्यों के आधार पर। उनकी आलोचना करने का मौका भी जब आया है, तो मैंने उसमें कोताही नहीं की है।'

(देशबन्धु में 16 जून 2016 को प्रकाशित)

https://lalitsurjan.blogspot.com/2016/06/blog-post_19.html

Tags:    

Similar News