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जिंदगी में तनाव, चिंता और थकान को कम करने में ये 5 आसन करेंगे मदद

योगासन सिर्फ एक कसरत नहीं है, यह एक जीवनशैली है। इसे करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मन भी शांत होता है। योग की शुरुआत भारत में हजारों साल पहले हुई थी। उस समय लोग अपनी सेहत और ध्यान केंद्रित करने के लिए योग का सहारा लेते थे

जिंदगी में तनाव, चिंता और थकान को कम करने में ये 5 आसन करेंगे मदद
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इन 5 आसान आसनों से करें योगासन की शुरुआत, तन और मन दोनों रहेंगे स्वस्थ

नई दिल्ली। योगासन सिर्फ एक कसरत नहीं है, यह एक जीवनशैली है। इसे करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मन भी शांत होता है। योग की शुरुआत भारत में हजारों साल पहले हुई थी। उस समय लोग अपनी सेहत और ध्यान केंद्रित करने के लिए योग का सहारा लेते थे। आज भी, जब भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और थकान बढ़ रही है, तो योग फिर से हमारे जीवन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। योग में कई तरह के आसन होते हैं, लेकिन कुछ आसन ऐसे हैं जो शुरुआती स्तर में ही किए जा सकते हैं। ये आसन शरीर को योगासन के अभ्यास के लिए तैयार करते हैं। अगर आप भी योग शुरू करने जा रहे हैं, तो शुरुआत इन 5 आसान आसनों से कर सकते हैं।

अधोमुख श्वानासन: इस आसन को करते समय शरीर उल्टे 'वी' आकार में होता है। यह आसन पीठ, हाथ और पैरों को मजबूत बनाता है। इससे शरीर में खिंचाव आता है और थकान दूर होती है। खास बात यह है कि इससे चिंता और अनिद्रा जैसी परेशानियों में भी राहत मिलती है। योगासन शुरू करने वालों के लिए ये आसन बहुत फायदेमंद माना जाता है।

वृक्षासन: वृक्षासन एक ऐसा आसन है जिससे शरीर का संतुलन बनाना सीखा जाता है। इसे करते समय एक पैर पर खड़ा होना होता है और दूसरा पैर जांघ पर रखा जाता है। दोनों हाथों को सिर के ऊपर जोड़कर नमस्ते की मुद्रा बनाई जाती है। यह आसन एकाग्रता बढ़ाता है और मन को शांत करता है। बच्चों के लिए यह आसन बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे उनका फोकस बढ़ता है।

पश्चिमोत्तानासन: इस आसन को बैठकर किया जाता है और शरीर को सामने की ओर झुकाया जाता है। यह पीठ, जांघ और पैरों में खिंचाव लाता है और पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। जो लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठते हैं, उनके लिए यह आसन बहुत फायदेमंद हो सकता है। इससे पीठ दर्द में भी आराम मिलता है।

सेतु बंधासन: सेतु बंधासन पीठ के बल लेटकर किया जाता है। इसमें शरीर को ऊपर उठाया जाता है जिससे एक पुल जैसा आकार बनता है। यह आसन छाती और रीढ़ की हड्डी को खोलता है। इससे थकान और सिरदर्द में आराम मिलता है। यह आसन खासकर उन लोगों के लिए अच्छा है जो दिनभर थकान महसूस करते हैं।

बालासन: बालासन का मतलब है 'बच्चे की मुद्रा'... यह आसन आराम देने वाला होता है। इसे किसी भी योग अभ्यास के बाद किया जा सकता है। यह पीठ, कंधे और गर्दन को आराम देता है। जब शरीर थका हो, तो यह आसन तुरंत राहत देता है। इसे करते समय मन भी शांत होता है और ध्यान लगाना आसान हो जाता है।


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