विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

गांधीनगर/अहमदाबाद, गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था। इनमें से एक स्वास्थ्य तो एक शिक्षा का केंद्र बनाया जाएगा।
अहमदाबाद हादसे की पहली बरसी पर मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह पूरी जगह स्वास्थ्य विभाग और सरकार की है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ बातचीत के बाद हादसे वाली जगह दो संस्थान बनाने के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया।
प्रफुल पंशेरिया ने कहा कि प्रस्तावित सुविधाओं में से एक 'स्वास्थ्य मंदिर' होगा, जिसमें रीढ़ की हड्डी का इलाज किया जाएगा। साथ ही छात्रों व डॉक्टरों के लिए हॉस्टल की सुविधा शामिल होगी।
दूसरा एक एजुकेशन टेंपल होगा, जिसे मेडिकल शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत सुपर-स्पेशलिस्ट मेडिकल छात्रों के लिए रहने की सुविधा, मेस और उससे जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंदिर में भविष्य के सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के लिए एक और हॉस्टल, हॉस्पिटल की सुविधाएं, छात्रों के रहने की जगह और मेस की सुविधा भी बनाने की योजना है।
प्रफुल पंशेरिया ने आगे बताया कि इस प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में बांटा गया है और प्रस्तावित हेल्थ और एजुकेशन सुविधाओं के निर्माण में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश होगा।
पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 क्रैश हो गई है।
यह विमान मेघानीनगर इलाके में क्रैश हुआ और बीजे मेडिकल कॉलेज से जुड़ी इमारतों और हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े पास के रिहायशी और हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराया था।
इस घटना में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के साथ-साथ जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी मौत हो गई, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 260 हो गई थी।
अधिकारियों के अनुसार, क्रैश के असर से असरवा में सिविल हॉस्पिटल के पास न्यू मेंटल कैंपस में मौजूद 'अतुल्यम 1 से 4' हॉस्टल ब्लॉक, कैंटीन और सब-स्टेशन की इमारतों को भारी ढांचागत नुकसान पहुंचा था।
उस समय हॉस्टल में लगभग 92 छात्र रह रहे थे। बाद में हुए स्ट्रक्चरल ऑडिट में इमारतों को असुरक्षित घोषित किया गया, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर गिराने की योजना बनाई गई।
इसके बाद राज्य सरकार ने उस जगह पर एक बड़े रीडेवलपमेंट प्लान के तहत क्षतिग्रस्त हॉस्टल के बुनियादी ढांचे को फिर से बनाने का फैसला किया है। इसमें डॉक्टरों के लिए एक आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी पोस्ट-ग्रेजुएट हॉस्टल कॉम्प्लेक्स और राज्य की मेडिकल शिक्षा व हेल्थकेयर क्षमता को मजबूत करने के मकसद से बेहतर सुविधाएं शामिल हैं।


