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योगाभ्यास के कितनी देर बाद नहाना और खाना चाहिए ?

नई दिल्ली, आजकल खुद को फिट और स्वस्थ रखने के लिए बड़ी संख्या में लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। सुबह उठकर योग करना न सिर्फ शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है, बल्कि मानसिक तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक माना जाता है। अक्सर लोग योगाभ्यास पूरा होते ही अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लग जाते हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय ने योग के बाद शरीर को आराम देने और नहाने व भोजन के बीच उचित अंतर रखने की सलाह दी है।

योगाभ्यास के कितनी देर बाद नहाना और खाना चाहिए ?
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नई दिल्ली, आजकल खुद को फिट और स्वस्थ रखने के लिए बड़ी संख्या में लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। सुबह उठकर योग करना न सिर्फ शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है, बल्कि मानसिक तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक माना जाता है। अक्सर लोग योगाभ्यास पूरा होते ही अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लग जाते हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय ने योग के बाद शरीर को आराम देने और नहाने व भोजन के बीच उचित अंतर रखने की सलाह दी है।

आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि योगाभ्यास के बाद शरीर को आराम करने और सामान्य स्थिति में लौटने का समय देना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार, योग करने के बाद नहाने या भोजन करने से पहले 20 से 30 मिनट का इंतजार करना बेहतर है। इस दौरान व्यक्ति को कुछ समय शांत रहना चाहिए और शरीर को सहज होने देना चाहिए। इससे योगाभ्यास के बाद दिनचर्या में लौटने के लिए एक अच्छा अंतराल मिल जाता है।

दरअसल, योग के दौरान शरीर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और सांस लेने की गति में भी बदलाव आता है। ऐसे में अभ्यास पूरा होने के बाद कुछ समय आराम करना उपयोगी माना जाता है। योग के बाद जल्दबाजी करने के बजाय शांत बैठना, सामान्य तरीके से सांस लेना और शरीर को सहज होने देना चाहिए।

आयुष मंत्रालय ने योगाभ्यास के लिए खानपान से जुड़ी कुछ जरूरी बातें भी साझा की हैं। मंत्रालय के मुताबिक, संतुलित और पौष्टिक भोजन शरीर और मन को योग के लिए तैयार रखने में मदद करता है। आमतौर पर योगाभ्यास करने वालों के लिए शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा 30 वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में दो बार भोजन पर्याप्त हो सकता है। हालांकि, बीमारी, अधिक शारीरिक गतिविधि या मेहनत वाला काम करने वाले लोगों की जरूरतें अलग हो सकती हैं।

योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन के बीच संतुलन बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। विभिन्न शोधों में योग को शारीरिक फिटनेस, मांसपेशियों और हड्डियों के बेहतर कामकाज तथा हृदय संबंधी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी पाया गया है। नियमित योगाभ्यास डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, सांस संबंधी समस्याओं और जीवनशैली से जुड़ी परेशानियों के प्रबंधन में भी मदद कर सकता है।

इसके अलावा योग तनाव, चिंता, थकान और अवसाद के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है। महिलाओं में मासिक धर्म और मेनोपॉज से जुड़ी कुछ परेशानियों के प्रबंधन में भी योग लाभकारी माना जाता है।


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