कलकत्ता हाई कोर्ट से ममता बनर्जी को बड़ा झटका, 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खातों पर रोक बरकरार
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 440.42 करोड़ रुपये वाले फ्रीज बैंक खातों पर राहत देने से इनकार किया। ED की PMLA जांच जारी, विमान और हेलीकॉप्टर खरीद से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच तेज।

यह आदेश ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में हलचल तेज है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में हैं। हालांकि अदालत का फैसला केवल बैंक खातों और चल रही जांच से संबंधित है।
हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार
कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि फिलहाल फ्रीज किए गए खातों से रोक हटाने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक ईडी की कार्रवाई को यथावत रहने दिया।
याचिका में फ्रीज किए गए खातों के संचालन की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब मामले की विस्तृत सुनवाई आगे होगी।
क्या है पूरा मामला?
ईडी के अनुसार यह जांच बिधाननगर साइबर पुलिस थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। आरोप है कि कुछ वित्तीय लेनदेन के जरिए संदिग्ध धन का हस्तांतरण किया गया और राजनीतिक दल से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर फंड के आवागमन के लिए किया गया।
इसी जांच के तहत ईडी ने पीएमएलए की धारा 17(1A) के तहत कार्रवाई करते हुए तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये को फ्रीज कर दिया था।
विमान और हेलीकॉप्टर खरीद से जुड़ी जांच
जांच एजेंसी का दावा है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच संबंधित बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को भेजे गए।
ईडी का आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 ग्रैंड न्यू हेलीकॉप्टर की खरीद से जुड़े वित्तीय लेनदेन में किया गया। जांच के मुताबिक, वर्ष 2023 से 2026 के बीच संबंधित इकाइयों के बीच 82.96 करोड़ रुपये का अतिरिक्त हस्तांतरण भी हुआ, जबकि दोनों विमानन परिसंपत्तियों की खरीद पर कुल लगभग 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
विदेशी ऋण और लीज मॉडल भी जांच के दायरे में
प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि हेलीकॉप्टर खरीद के लिए धन जुटाने हेतु वर्ष 2023 में केमैन द्वीप स्थित एक इकाई से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का असुरक्षित ऋण लिया गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, बाद में विमान और हेलीकॉप्टर को कथित तौर पर लीज पर उपलब्ध कराया गया तथा इनके उपयोग के नाम पर भुगतान किए गए। ईडी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लेनदेन का वास्तविक लाभार्थी कौन था और धन का अंतिम उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी
ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा संबंधित कंपनियों के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। अदालत का मौजूदा आदेश केवल अंतरिम राहत से जुड़ा है और मामले के अंतिम निष्कर्ष या किसी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई और जांच दोनों पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी रहेगी।


