शी चिनफिंग ने तेज किया भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान, 2027 की कांग्रेस से पहले अधिकारियों पर शिकंजा

शी चिनफिंग अपने भाषणों में ऐसे अधिकारियों की आलोचना करते रहे हैं, जो सार्वजनिक रूप से पार्टी के प्रति वफादारी दिखाते हैं, लेकिन कथित तौर पर उसके हितों के खिलाफ काम करते हैं।;

Update: 2026-10-27 07:17 GMT

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान तेज कर दिया है। पार्टी के भीतर अनुशासन, अधिकारियों की जवाबदेही और नेतृत्व के प्रति निष्ठा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। शी का कहना है कि पार्टी में अब भी ऐसे अधिकारी मौजूद हैं, जो निष्ठाहीन और अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। वर्ष 2027 के अंत में होने वाली कम्युनिस्ट पार्टी की अगली कांग्रेस से पहले इस अभियान को चीन की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हुआंग किफान के खिलाफ जांच 

इस महीने दक्षिण-पश्चिम चीन के चोंगकिंग शहर के पूर्व महापौर हुआंग किफान के खिलाफ जांच की घोषणा ने शी चिनफिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को फिर सुर्खियों में ला दिया है। हुआंग लंबे समय तक चीन के प्रभावशाली अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं। पद छोड़ने के बाद भी उनका राजनीतिक प्रभाव बना हुआ था। हुआंग के खिलाफ जांच की खबर ऐसे समय आई है, जब पार्टी के भीतर अनुशासन लागू करने और अधिकारियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। यह घटनाक्रम संकेत देता है कि पूर्व पदाधिकारियों का प्रभाव भी उन्हें जांच के दायरे से बाहर रखने की गारंटी नहीं है। हालांकि, किसी अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू होने का अर्थ अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है।

2027 की कांग्रेस पर टिकी शी की नजर

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की अगली राष्ट्रीय कांग्रेस 2027 के अंत में प्रस्तावित है। हर पांच साल में होने वाली इस बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की राजनीतिक दिशा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं। इससे पहले पार्टी की शीर्ष केंद्रीय समिति की बैठक में अधिकारियों की निगरानी और अनुशासन से जुड़े कड़े नियमों पर विचार होने की संभावना है। शी चिनफिंग के सामने अपने अगले कार्यकाल के लिए नेतृत्व की टीम तैयार करने की चुनौती भी होगी। एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो नील थॉमस के आकलन के मुताबिक, शी के अगले कार्यकाल की संभावनाएं मजबूत दिखाई देती हैं। इसके पीछे उनका व्यापक राजनीतिक प्रभाव और किसी स्पष्ट उत्तराधिकारी का सामने नहीं होना प्रमुख कारण हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और नेतृत्व की निरंतरता से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

केंद्रीय समिति में घट रही अधिकारियों की संख्या

वर्ष 2022 में गठित चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति में कुल 376 सदस्य थे। इसके बाद भ्रष्टाचार संबंधी जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों के कारण कई सदस्य प्रभावित हुए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पिछले साल हुई बैठक में 315 अधिकारी शामिल हुए थे। इस बार समिति की बैठक में उपस्थित सदस्यों की संख्या और घटने की आशंका जताई गई है। शी चिनफिंग अपने भाषणों में ऐसे अधिकारियों की आलोचना करते रहे हैं, जो सार्वजनिक रूप से पार्टी के प्रति वफादारी दिखाते हैं, लेकिन कथित तौर पर उसके हितों के खिलाफ काम करते हैं। उन्होंने ऐसे अधिकारियों की तुलना बीमार पेड़ों से करते हुए उनकी छंटाई को जरूरी बताया है। इस तरह की बयानबाजी से स्पष्ट है कि चीन का नेतृत्व केवल वित्तीय भ्रष्टाचार पर ही नहीं, बल्कि राजनीतिक निष्ठा और प्रशासनिक अनुशासन पर भी विशेष जोर दे रहा है।

भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई का बढ़ता दायरा

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में प्रांतीय या मंत्री स्तर के 49 अधिकारियों और काउंटी स्तर के लगभग 24 हजार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वर्ष 2025 में प्रांतीय या मंत्री स्तर के अधिकारियों की संख्या बढ़कर 69 और काउंटी स्तर के अधिकारियों की संख्या लगभग 35 हजार हो गई। ये आंकड़े बताते हैं कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का दायरा चीन के प्रशासनिक ढांचे के निचले स्तरों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक फैला हुआ है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी झांग यूशिया के खिलाफ भी भ्रष्टाचार और निष्ठाहीनता से जुड़े आरोपों में जांच की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि सैन्य नेतृत्व भी इस अभियान के दायरे से बाहर नहीं है। हालांकि, कार्रवाई के आंकड़ों से अकेले यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि चीन में भ्रष्टाचार की वास्तविक स्थिति कितनी बदली है। इसके लिए जांच, दोषसिद्धि और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े व्यापक आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी है।

पार्टी पर नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश

शी चिनफिंग अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को कम्युनिस्ट पार्टी की ‘आत्म-क्रांति’ बताते हैं। उनके अनुसार, पार्टी को अपनी कमजोरियों को दूर करते हुए अनुशासन और जवाबदेही मजबूत करनी चाहिए। दूसरी ओर, विश्लेषकों के बीच इस अभियान को पार्टी के भीतर राष्ट्रपति के नियंत्रण को मजबूत करने के संदर्भ में भी देखा जाता है। 2027 की कांग्रेस से पहले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व की नई टीम तैयार करने की प्रक्रिया चीन की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शी चिनफिंग भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को किस स्तर तक आगे बढ़ाते हैं और इसका पार्टी के नेतृत्व ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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