चमोली: नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग पर पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिरा, रास्ता बंद होने से लोग परेशान
लगातार हो रही बारिश के चलते उत्तराखंड के चमोली जिले में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। बुधवार सुबह नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग पर पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्कूली बच्चों समेत आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।;
देहरादून/चमोली- लगातार हो रही बारिश के चलते उत्तराखंड के चमोली जिले में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। बुधवार सुबह नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग पर पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्कूली बच्चों समेत आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, चमोली जिले के नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग पर चमन मंदिर के पास यह घटना हुई। यहां अचानक पहाड़ी से विशाल बोल्डर और मलबा सड़क पर गिरा गया। देखते ही देखते मार्ग पूरी तरह बंद हो गया।
सुबह का समय होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई शिक्षक खुद सड़क पर उतरे और बोल्डरों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन बड़े पत्थरों के कारण मार्ग नहीं खुल सका।
उधर, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 13 जुलाई तक उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। 8 जुलाई को भी उत्तराखंड राज्य के जनपदों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कई जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, राज्य के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के साथ गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।
अधिकारियों को लोगों को अलर्ट किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टानें गिरने की आशंका है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों और राजमार्गों पर अवरोध उत्पन्न हो सकता है। नदियों और बरसाती नालों के जलस्तर में वृद्धि और अतिप्रवाह की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही, निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
अधिकारियों ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि सावधानी पूर्वक यात्रा करें। साथ ही, छोटी नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।