उत्तराखंड का शिक्षा मॉडल बना मिसाल, छत्तीसगढ़ ने मांगा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट : शादाब शम्स

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट (आरएडब्ल्यू) मांगे जाने के बाद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने इसे राज्य की शिक्षा सुधार नीति की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है;

Update: 2026-07-04 01:20 GMT

देहरादून। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट (आरएडब्ल्यू) मांगे जाने के बाद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने इसे राज्य की शिक्षा सुधार नीति की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से जब भी कोई नई पहल शुरू हुई है, उसे देशभर में व्यापक स्वीकार्यता मिली है और नागरिकों ने उसे सकारात्मक रूप से अपनाया है।

शादाब शम्स ने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर 'वन नेशन, वन लॉ' की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। उत्तराखंड के बाद गुजरात, असम और महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्य भी यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, यह दर्शाता है कि उत्तराखंड देश में नीतिगत बदलावों का अग्रदूत बनकर उभरा है।

उन्होंने कहा कि मोदी-धामी सरकार की अगली महत्वपूर्ण पहल मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन करना रही।

शादाब शम्स ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी विद्यार्थियों के लिए उत्तराखंड शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित तथा एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम का अध्ययन अनिवार्य होगा। यह कदम 'वन नेशन, वन एजुकेशन' की अवधारणा को मजबूत करने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था में समानता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

शादाब शम्स ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड ने शिक्षा सुधार के क्षेत्र में ऐसी मजबूत लकीर खींची है, जिसका अनुसरण अब अन्य राज्य भी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट मांगा जाना इस बात का संकेत है कि वह भी इस मॉडल का अध्ययन कर उसे लागू करने की दिशा में विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि 'पढ़ेगा भारत तो बढ़ेगा भारत' की भावना के साथ यह पहल देश के भविष्य को मजबूत बनाने का माध्यम बनेगी। शादाब शम्स ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों का प्रभाव अब विभिन्न राज्यों में दिखाई देने लगा है और उत्तराखंड का शिक्षा मॉडल भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 'वन नेशन, वन लॉ' के साथ-साथ 'वन नेशन, वन एजुकेशन' की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता और गुणवत्ता लाने की यह पहल विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत, दूरदर्शी और सधा हुआ कदम साबित होगी।

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