राम मंदिर के बाद बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे पर विवाद, कथित अनियमितता की शिकायत के बाद BKTC ने दिए जांच के आदेश
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित अनियमितता के आरोपों के बाद BKTC ने जांच के आदेश दिए। सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों, शिकायत पत्र और CCTV दावों की जांच शुरू, दोषी मिलने पर कार्रवाई होगी।;
देहरादून। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच अब उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों और लिखित शिकायत के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत पत्र में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित चोरी का आरोप
मामले की शुरुआत हिंदूवादी संगठन भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री द्वारा बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ को भेजे गए शिकायत पत्र से हुई। 3 जुलाई को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित रूप से गड़बड़ी हुई है।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि समिति अध्यक्ष के कथित निजी सचिव पर चढ़ावे में सेंधमारी के आरोप हैं। साथ ही पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
BKTC अध्यक्ष ने दी सफाई, समिति गठित कर जांच शुरू
शिकायत मिलने के बाद BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति उपलब्ध दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
हेमंत द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जिस व्यक्ति को उनका "निजी सचिव" बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं बल्कि मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी और वैयक्तिक सहायक है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
मंदिर समिति के रिकॉर्ड के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को जारी रोस्टर में प्रमोद नौटियाल को थाली गणना समिति का सदस्य बनाया गया था। वह वर्ष 2014 से विभिन्न अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्यरत हैं।
चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया और CCTV दावे की जांच
मंदिर समिति के अनुसार बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना पूरी तरह निर्धारित नियमों के तहत होती है। इस दौरान बैंक कर्मचारी, मंदिर समिति के अधिकारी, प्रोटोकॉल अधिकारी और अधिकृत सदस्य मौजूद रहते हैं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि 2 जुलाई की सुबह चढ़ावे की गणना के दौरान हुई कथित घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। हालांकि मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि उपलब्ध फुटेज की प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट दृश्य सामने नहीं आया है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है और विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
उधर, शिकायतकर्ता संदीप खत्री का कहना है कि उनके पास कथित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है। उन्हें मंदिर से जुड़े सूत्रों के माध्यम से जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह के संदेह का समाधान किया जा सके।