“उत्तराखंड ऋषियों की भूमि है, पहचान पर समझौता नहीं” – सीएम धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड समस्त विश्व में आस्था के केंद्र के रूप में जाना जाता है

Update: 2026-01-10 04:09 GMT

अतिक्रमण पर सख्ती, कई जमीनें मुक्त कराई गईं: धामी सरकार का संकल्प

  • परिवार रजिस्टर से होगा सत्यापन, घुसपैठियों को नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ
  • डेमोग्राफी बिगाड़ने की कोशिश नाकाम, राशन कार्ड से वोटर आईडी तक जांच जारी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड समस्त विश्व में आस्था के केंद्र के रूप में जाना जाता है। यह ऋषियों की भूमि है। इसका अपना एक मूल स्वरूप है, जिसने इसे एक आध्यात्मिक पहचान दी है। हम इसकी पहचान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड की मौलिक पहचान पर कुठाराघात करने के मकसद से कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, जिसे हम सफल नहीं होने देंगे। कई जगह पर अतिक्रमण करके अवैध संरचनाएं बनाई गई हैं, जिन्हें हटाने की दिशा में हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। अतिक्रमण करके यहां की मूल संस्कृति पर प्रहार किया जा रहा है, जिसे हम बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। राज्य में अतिक्रमण हटाने का सिलसिला जारी है। अब तक हमने राज्य की कई जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।

उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में सभी जिलाधिकारियों को अपने साथ परिवार रजिस्टर रखने का निर्देश दिया गया है। इसके जरिए हम यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि राज्य में पात्र परिवारों को ही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। कोई घुसपैठिया इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाए। इस दिशा में सत्यापन अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि राज्य सरकार के तत्वावधान में चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को मिले।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम राज्य की डेमोग्राफी को खराब नहीं होने देना चाहते हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी को एक अच्छा प्रदेश देना चाहते हैं। यह हमारा संकल्प है। इस दिशा में हम काम कर रहे हैं। हम राज्य में राशन कार्ड से लेकर वोटर आईडी कार्ड का सत्यापन कर रहे हैं। इसके तहत लोगों से उनकी पूरी जानकारी ली जा रही है। इस दौरान अगर कहीं पर फर्जीवाड़ा पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "शुरू से ही यह तय था कि डोभ क्षेत्र के गांव में स्थित नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखा जाएगा और इसके लिए सरकारी आदेश जारी कर दिया गया है।"

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