मैं अब कोई चुनाव नहीं लडूंगा लेकिन उत्तराखंड में पार्टी की सरकार बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दूंगा: हरीश रावत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को कहा कि वह अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन उत्तराखंड में पार्टी की सरकार बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे;
हरीश रावत का चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को कहा कि वह अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन उत्तराखंड में पार्टी की सरकार बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।
रावत ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि वह अब कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे और पार्टी को चुनाव जिताने के लिए अपने अनुभव का इस्तेमाल कर पार्टी उम्मीदवारों के साथ उनके चुनाव में खड़े रहेंगे। पार्टी से किसी तरह की नाराजगी से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। वह पार्टी के सिपाही हैं और पार्टी की मजबूती के लिए हर कदम उठाने को तैयार हैं लेकिन चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में लगातार तीसरी कांग्रेस पार्टी हारने वाली नहीं है। उनका कहना था कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार जनविरोधी है और उसकी नीतियों से उत्तराखंड के लोग बहुत तंग आ चुके है। यह पूछने पर कि जब वह चुनाव ही नहीं लड़ेंगे तो पार्टी उत्तराखंड में सरकार कैसे बनाएगी। श्री रावत ने कहा कि पहले भी उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा है लेकिन कांग्रेस की सरकार उत्तराखंड में बनी है और इस बार वह पूरी तरह से पार्टी को चुनाव जिताने के लिए ही काम करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस संगठन में महत्व नहीं मिलने संबंधी सवाल पर कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य ने कहा कि वह कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं और उन्होंने हमेशा इसी समर्पण के साथ कांग्रेस के लिए काम किया है और आगे भी पार्टी की सेवा करते रहेंगे। उनका कहना था कि उन्हें किसी भी तरह की शिकायत अपनी पार्टी से नहीं है और पार्टी की मजबूती के लिए वह बूथ लेबर पर काम करने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार से लोग पीछा छुड़ाना चाहते हैं और लोग अब कांग्रेस को ही वापस लाना चाहते हैं इसलिए जब भी चुनाव होंगे कांग्रेस ही उत्तराखंड में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं पर आए दिन आरोप लग रहे हैँ। उसके नेता भ्रष्टाचार में लिप्त में है। पेपर लीक बड़ा भारी भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। भर्तियां नहीं हो रही हैं और युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है इसलिए उत्तराखंड के लोग भाजपा से मुक्ति चाहते हैं और अगली सरकार कांग्रेस की ही होगी।